Thu. Jul 18th, 2019

सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बयान से मचा बवाल, कहा जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान एक ‘त्रुटि’

जम्मू कश्मीर के निवासियों को संविधान में विशेषधिकार प्राप्त है जो हमेशा से बहस का विषय रहा है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान होना संभवत: एक ‘‘त्रुटि’’ थी। अजीत डोभाल ने यह बयान देश के पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल पर लिखी एक किताब के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि संप्रभुता से कभी समझौता नहीं किया जा सकता।

उच्चतम न्यायालय में चल रही है सुनवाई …….

बता दें कि डोभाल ने कश्मीर पर यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब उच्चतम न्यायालय संविधान के अनुच्छेद 35-ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। अनुच्छेद 35-ए के तहत जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासियों को खास तरह के अधिकार और कुछ विशेषाधिकार दिए गए हैं। डोभाल ने कहा कि उन्होंने देश की मजबूत आधारशिला रखने में अहम योगदान किया है।

दूसरी तरफ, श्नीनगर में नेशनल कांफ्रेंस के नेता मुस्तफा कमाल ने कहा कि सरकार को डोभाल के बयान का संज्ञान लेना चाहिये। अगर सरकार संज्ञान नहीं लेती है तो यह माना जाना चाहिये कि डोभाल सरकार की तरफ से बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली ने देश को बांटा है।’  दूसरी तरफ, पीडीपी नेता रफी अहमद मीर ने कहा कि एक जिम्मेदार पद पर रहते हुए डोभाल जैसे व्यक्ति को इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहिये।