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छत्तीसगढ़ के दो हस्तियों को मिला पद्म श्री सम्मान, इन कार्यों के लिए मिला सम्मान

रायपुर. सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने छत्तीसगढ़ के दो हस्तियों को पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया| दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार और पत्रकार पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी और वरिष्ठ समाज सेवी दामोदर गणेश बापट को पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित किया गया| छत्तीसगढ़ के जांजगीर–चांपा जिले के दामोदर गणेश बापट को समाज सेवा के क्षेत्र में और बिलासपुर निवासी पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी को साहित्य व शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित किया गया।

गणेश बापट

बापट चांपा से आठ किलोमीटर दूर ग्राम सोठी में भारतीय कुष्ठ निवारक संघ द्वारा संचालित आश्रम में कुष्ठ पीड़ितों की सेवा के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया है, इस कुष्ठ आश्रम की स्थापना सन 1962 में कुष्ठ पीड़ित सदाशिवराव गोविंदराव कात्रे ने की थी, वहां वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यकर्ता बापट सन 1972 में पहुंचे और कात्रे जी के साथ मिलकर उन्होंने कुष्ठ पीड़ितों के इलाज और उनके सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास के लिए सेवा के अनेक प्रकल्पों की शुरूआत की|

श्यामलाल चतुर्वेदी

श्यामलाल चतुर्वेदी करीब 75 वर्षों से साहित्य साधना के जरिए हिन्दी और छत्तीसगढ़ी साहित्य को समृद्ध बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्होंने पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी मूल्यवान सेवाएं दी हैं. चतुर्वेदी छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के प्रथम अध्यक्ष भी रह चुके हैं|  कुछ वर्ष पहले उनका छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह ’पर्रा भर लाई’ और छत्तीसगढ़ी लघु कथाओं का संकलन ’भोलवा भोलाराम बनिस’ का प्रकाशन हुआ, दोनों संग्रह काफी चर्चित और प्रशंसित हुए।

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