रायगढ़ / MG कालेज खरसिया में मनाया गया राष्ट्रीय युवा दिवस.. युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर आनलाइन कार्यक्रम का किया गया आयोजन..! प्रोफेसर एस के इजारदार सर जी के नेतृत्व में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया राष्ट्रीय युवा दिवस..! कालेज के कई स्टूडेंट्स ने लिया आनलाइन कार्यक्रम में हिस्सा..! पढ़ें पूरी खबर..!

रायगढ़ । युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी 2021, मंगलवार को माहत्मा गांधी शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय खरसिया जिला रायगढ़ छ.ग. में “राष्ट्रीय युवा दिवस” के रूप में मनाई गई। हर्षोल्लास के साथ स्वामी जी के कृतित्व और व्यक्तित्व को याद किया गया। वहीं उनके विचारों पर चलने के लिए युवाओं को प्रेरित किया गया।

माहत्मा गांधी शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय खरसिया में अंग्रेजी के प्रोफेसर एस के इजारदार सर जी के नेतृत्व में आनलाईन क्लास के माध्यम से स्वामी विवेकानंद जी जयंती के शुभ अवसर पर “राष्ट्रीय युवा दिवस” के रूप में मनाई गई।

विवेकानंद जी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने शिकागो धर्म सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करके देश का गौरव बढ़ाया। आज की युवा पीढ़ी को स्वामीजी के विचारों एवं आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। एवं सभी स्टूडेंट्स ने एक दुसरे को युवा दिवस कि बधाईयां दी..!

“दामिनी जायसवाल”

“सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु , करते है हम शुरु आज का काम प्रभु…!” प्रार्थना गीत की प्रस्तुति देकर BA 1 की स्टूडेंट “दामिनी जायसवाल” ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ..!

महात्मा गांधी शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय खरसिया के BA 1 के सभी स्टूडेंट्स ने आनलाइन क्लास ज्वाइन किया। वहीं स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सर्व प्रथम सभी को युवा दिवस की बधाई दी गई व प्रार्थना गीत प्रस्तुत किया गया। स्वामी विवेकानंद जी के जयंती के शुभ अवसर पर BA 1 की स्टूडेंट “दामिनी जायसवाल” ने बहुत ही सुन्दर ढंग से प्रार्थना गीत की प्रस्तुति दी।

-:प्रार्थना गीत:-

सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु,
करते है हम शुरु आज का काम प्रभु..!!

शुद्ध भाव से तेरा ध्यान लगाये हम,
विद्या का वरधान तुमि से पाए हम,
तुमि से है आगाज तुमि से अंजाम प्रभु..!

करते है हम शुरु आज का काम प्रभु..!!

गुरों का सत्कार कभी न भूले हम,
इतना बने महान गगन को छु ले हम,
तुमि से है हर सुबह तुम्ही से शाम प्रभु..!!

करते है हम शुरु आज का काम प्रभु..!!

सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु,
करते है हम शुरु आज का काम प्रभु..!

“गिरिश राठिया”

BA 1 के स्टूडेंट “गिरिश राठिया” ने युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी के विचारों व आदर्शों को आत्मसात करने को कहा..!

आज हम सभी स्टूडेंट्स आनलाइन क्लास के माध्यम से क्लास ज्वाइन किये है। कोविड 19 को देखते हुए सरकार द्वारा स्कुल कालेजों को खोलने की अनुमति नहीं दी गई। जिस पर स्कुल कालेज की पढ़ाई आनलाइन कर दी गई है। गिरिश राठिया ने कहा की आज हम सब 12 जनवरी 2021 मंगलवार को युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती के शुभ अवसर पर “राष्ट्रीय युवा दिवस” के रूप मनाने के लिए आज आनलाइन क्लास के माध्यम से जुड़े हैं। जिसका श्रेय हमारे अंग्रेजी के प्रोफेसर एस के इजारदार सर जी के नेतृत्व में छोटा सा आनलाइन क्लास के माध्यम से कार्यक्रम किया जा रहा है।

स्वामी विवेकानंद का जन्म 1863 में कोलकाता में हुआ था। उनका नाम नरेंद्रनाथ दत्त रखा गया। उनके पिता विश्वनाथ दत्त कोलकाता हाईकोर्ट में एक नामी वकील थे और माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था। विवेकानंद को धर्म और उसके आधुनिक स्वरूप को जानने की काफी उत्सुकता थी और ये उत्सुकता उनकी मां भुवनेश्वरी देवी पूरी किया करती थी।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के विचारों पर चलने के लिए सभी युवाओं को प्रेरित किया तथा युवा पीढ़ी को स्वामी जी के विचारों एवं आदर्शों को आत्मसात करने के लिए भी प्रेरित किया। स्वामी विवेकानंद जी को महापुरुष बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर 100 युवा मिल जाएं तो देश में बहुत बड़ा परिवर्तन हो सकता है। स्वामी विवेकानंद जी का जीवन अनुकरणीय है। युवाओं को उनके जीवन से सीख लेनी चाहिए। उनके अपने ज्ञान और संस्कारों से भारत का नाम विदेश में भी रोशन किया। आज भी उनका व्यक्तित्व विश्व पटल पर चमचमा रहा है। अंत में गिरिश राठिया ने स्वामी विवेकानंद जी के कहे विचार को व्यक्त करते हुए कहा की : ” उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो “

“मंजू पटेल”

BA 1 की स्टूडेंट “मंजू पटेल” ने स्वामी विवेकानंद जी के द्वारा कहे गये सुविचार (स्लोक) की प्रस्तुति दी..!

आप सभी सब जानते हैं की आज 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जी का जन्मदिवस है। स्वामी विवेकानंद जी के बारे में आप सभी स्टूडेंट्स भलि-भांति परिचित हैं। हमारे देश में कई ऐसे महापुरुष हुए हैं। जिनके जीवन से और उनके विचारों से हम सभी को बहुत कुछ सिखने को मिला है।

महापुरुषो के विचारों का व्यक्त किया..!

(1) आपके जीवन की खुशी आपके विचारों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है।

(2) खुशी का कोई रास्ता नहीं है खुशी ही रास्ता है।

(3) दिमाग सब कुछ है जो आप सोचते हैं वो बन जाते हैं।

(4) जो अपना इतिहास भूल जाते हैं वो कभी अपना इतिहास नहीं बना सकते हैं।

“दुष्यंत कुमार जोशी”

BA 1 के स्टूडेंट्स “दुष्यंत कुमार जोशी” ने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर युवाओं के बारे बताया..!

जो अनिती से लड़ता है, जो दुर्गुणों से दुर रहता है। जो काल की चाल को बदल देता है। जिसमें जोश के साथ होश भी है। जिसमें राष्ट्र के लिए बलिदान की आस्था है। जो समस्याओं का समाधान निकालता है। और प्रेरक इतिहास रचता है, जो बतों को बादशाह नहीं बल्कि काम करने में विश्वास रखता है।

“लकेश्वरी वैष्णव”

BA 1 की स्टूडेंट “लकेश्वरी वैष्णव” ने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उनके कहे कथन को सभी के सामने व्यक्त किया..!

स्वामी विवेकानंद जी का कथन:- “उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक कि मंजिल प्राप्त न हो जाए” का संदेश देने वाले युवाओं के प्रेरणास्रोत समाज सुधारक युगपुरुष विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 में कोलकाता में हुआ था। इनके जन्म दिवस को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने जाने का प्रमुख कारण है दर्शन सिद्धांत अलौकिक विचार और आदर्श हैं। जिन्होंने स्वयं पालन किया और भारत के साथ साथ विभिन्न देशों में स्थापित किया। और आदर्श युवा में शक्ति और ऊर्जा का संचार किया। स्वामी विवेकानंद वेदांत के आध्यात्मिक विख्याता गुरु थे। उन्होंने विश्व में भारत का नाम रोशन किया। उनका वास्तविक नाम नरेंद्र नाथ था। स्वामी विवेकानंद के पिता जी का नाम विश्वनाथ दत्त था। और उच्च न्यायालय में एक वकील थे। उनकी मां भुनेश्वरी देवी धार्मिक स्त्री थी। स्वामी विवेकानंद को इतिहास और साहित्य में बहुत रुचि थी और वे शास्त्रीय संगीत के बारे में भी जानते थे। 1884 में बीए की परीक्षा को उत्तीर्ण की। उनकी डेट स्वामी रामकृष्ण परमहस से हुई स्वामी विवेकानंद ने उन्हें अपना गुरु माना। स्वामी रामकृष्ण परमहंस ने उन्हें दीक्षा देकर उनका नाम स्वामी विवेकानंद रख दिया। स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण परमहंस की स्थापना की और राम कृष्ण जी की संदेश को आम जनता तक पहुंचाने के लिए राम कृष्ण मिशन शुरूआत की। उन्होंने हिंदू धर्म के मायावती चेहरे को दुनिया के सामने मिलाया और दुनिया को शांति का संदेश दिया।

“प्रियंका गुप्ता”

BA 1 की स्टूडेंट “प्रियंका गुप्ता” ने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर स्वामी जी के कहे विचार को सभी के सामने व्यक्त किया..!

(1) उठो जागो और तब तक मत रुको। जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।

(2) खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है।

(3) तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई अध्यात्मिक नहीं बना सकता। तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना है। आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नहीं होता।

“दुष्यंत कुमार यादव”

BA 1 के स्टूडेंट्स “दुष्यंत कुमार यादव” ने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उनके कहे हुए विचार को सभी के सामने व्यक्त किया..!

उठो मेरे शेरों, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो, तुम भक्त हो नहीं हो, नहीं शरीर हो, तब तुम्हारा सेवक है, तुम तत्व के सेवक नहीं हो।

मेरे गुरु श्री रामकृष्ण कहते थे, जब तक मैं जीवित हूं, तब तक मैं सीखता हूं, वह आदमी उसका समाज पहले से ही मरा है। जिसके पास अब सीखने के लिए कुछ नहीं बचा।

प्रोफेसर “एस के इजारदार” सर जी

MG कालेज खरसिया के अंग्रेजी के प्रोफेसर “एस के इजारदार” सर जी ने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सभी स्टूडेंट्स को स्वामी विवेकानंद जी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बतायी..!

उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद जी ने साल 1893 में शिकागो में विश्व धर्म संसद के उद्घाटन में एक बहुत ही शक्तिशाली भाषण दिया जिसमें उन्होंने विश्व के सभी धर्मों में एकता का मुद्दा उठाया।

उद्घाटन समारोह में विवेकानंद आखरी के कुछ भाषण देने वालों में से एक थे। उनसे पहले भाषण देने वाले व्यक्ति ने अपने स्वयं के धर्म का अच्छाई और विशेष चीजों के बारे में बताया परन्तु स्वामी विवेकानंद ने सभी दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका दृष्टिकोण मात्र इश्वर के समक्ष सभी धर्मों की एकता है।

अंत में पुनः सभी स्टूडेंट्स ने आनलाइन क्लास के माध्यम से एक दुसरे को युवा दिवस की बधाइयां दी।

इस अवसर पर महात्मा गांधी शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय खरसिया के अंग्रेजी के प्रोफेसर एस के इजारदार सर जी, स्टूडेंट्स :- गिरिश राठिया, मंजू पटेल, दामिनी जयसवाल, नेहा पटेल, आंचल, दुष्यंत कुमार जोशी, दुष्यंत यादव, आरती, अमन महिपाल, अमित खुंटे, अंचल राठौर, अंजली, अन्नु साहू, बुद्धेश्वरी, निकिता डनसेना, मीनाक्षी डनसेना, नैना नागवंशी, मौसमी चौहान, नीतू राठिया, लकेश्वरी वैष्णव, खिलेश्वरी यादव, खेम निधि, खूबचंद, मनीषा पटेल, लता सिदार, मानसी, ओमश्री राठिया, निकिता डनसेना, निकिता यादव, निकिता डनसेना, पूजा महेश, प्रदीप डनसेना, प्रियंका राठिया, प्रियंका भारद्वाज, पुष्पा डनसेना, प्रियंका गुप्ता, रामेश्वरी राठिया, रतन, साक्षी राठौर, संगीता राठिया, संजना शर्मा, सीमा सारथी, सीमा सिदार, शर्मिला यादव, साक्षी राठौर, श्वेता राठौर, सीमा राठिया, सीता, सुनीता पटेल, चांदनी, छवि पटेल, दीपेंद्र सिंह, दीपिका पटेल, दिव्या कुर्रे, दूज कुमारी, गोपी राम, गोपी किशन, गुलशन राठिया, हसीना साहू, हेमलता साहू, हिमांशी, इशा, जागेश्वर, जया पटेल, जयंती डनसेना, ज्वाला प्रसाद, काजल डनसेना, कौशिल्या, तुलसी राठिया, उमा साहू, वंदना, यामिनी, विजय यादव और अन्य BA 1 के सभी स्टूडेंट्स उपस्थित थे।