Sun. Apr 7th, 2019

कच्ची शराब माफियाओं के आगे नतमस्तक पुसौर पुलिस

रायगढ़ :- पिछले कुछ महीनों से पुसौर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में कच्ची शराब माफियाओं का सिक्का चलते दिख रहा है , और सिक्का चले भी क्यों नही “सइयां भए कोतवाल तो डर काहे का” पुसौर क्षेत्र के कुछ चिन्हित गांव हैं जहां कच्ची शराब की फैक्ट्री लगी हुई है, और इन जगहों की जानकारी पुसौर पुलिस को बखूबी है, पर क्या करें माफियाओं का हप्ता तो समय से पहले पहुंच जाता है, इस कारण माफियाओं के गिरेबान तक कोतवाल साहब का हाँथ पहुँचते-पहुँचते रुक जाता है , और माफियाओं के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं । पुसौर थाना क्षेत्र के कुछ चिन्हांकित गांव है जहाँ के ग्रामीण ऐसे त्रस्त हैं कि उन्होंने शराब माफियाओं के खिलाफ शिकायत करना ही छोड़ दिया है , ग्रामीणों की माने तो पुलिस कच्ची शराब का जखीरा भी आरोपी के साँथ पकड़ ले फिर भी 2 लीटर 3 लीटर का मामूली केश बना कर मोटा रकम वसूल कर आरोपियों को छोड़ देती है और साँथ ही ये भी समझाइस देती है कि, उस ” फला ” व्यक्ति ने तुम्हारे खिलाफ शिकायत की थी उससे थोड़ा बच कर रहना , खैर पुसौर थाना क्षेत्र में कच्ची शराब को लेकर कई बार आंदोलन हो चुका है बावजूद उसके आज तक कोई ठोस कदम शासन-प्रशासन ने नही उठाया है , उन चिन्हित गांवों के ग्रामीणों से खास बात चीत पर हमारे न्यूज़ को जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि नई सरकार जब से बनी है तब से उनको बहुत उम्मीद है कि अब कुछ अच्छा पहल होगा शासन-प्रशासन की ओर से और हमे मुक्ति मिलेगी इस शराब से सराबोर माहौल से , ग्रामीणों के उम्मीद को ताक में रखते हुए जिले के पुलिस कप्तान को खुद सामने आकर इन शराब माफियाओं के ऊपर नकेल कसने की जरूरत है ।।