नवीन शासकीय महाविद्यालय चपले के एनएसएस सात दिवसीय विशेष शिविर का ग्राम जबलपुर में भव्य शुभारंभ

खरसिया। शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ से संबंध नवीन शासकीय महाविद्यालय चपले के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ ग्राम जबलपुर तहसील खरसिया जिला रायगढ़ में हुआ। शिविर का शुभारंभ मां सरस्वती पूजन एवं विवेकानंद जी की प्रतिमा पर पुष्पार्पित कर ग्राम पंचायत जबलपुर सरपंच श्रीमती रेवती विजय लाल राठिया के कर कमलों से हुआ। स्वयंसेवक कु.भावना बरेठ एवं साथी द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर उपसरपंच श्री नारायण डनसेना जी, सदस्य छोटेलाल जी, सहसचिव मुरलीधर पटेल, ग्राम पंचायत के पंच श्रीमती पीला बाई एवं अन्य बहुत सारे गणमान्य उपस्थित हुए।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश तिवारी एवं नोडल अधिकारी प्रो.जी.एस. राठिया जी के मार्गदर्शन में एवं राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी प्रो.एम.एल.पटेल सर के नेतृत्व में यह सात दिवसीय विशेष शिविर दिनांक 27 जनवरी 2026 से 02 फरवरी 2026 तक आयोजित होगी। उद्घाटन समारोह में उपस्थित सभी गणमान्यों ने सहयोग का आश्वासन दिया। प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला जबलपुर के समस्त शिक्षकगण उपस्थित हुए तथा उद्बोधन में स्वागत एवं सहयोग की कामना किया।

श्री हरिश्चंद्र डनसेना सर जी ने नशा मुक्ति के लिए युवा के संबंध में अपना विचार साझा करते हुए कहा कि नशा हमारे युवा पीढ़ी को पूरी तरह से बर्बाद कर रही है यह हमारे सामाजिक एवं आर्थिक जीवन के ढांचा को ध्वस्त कर रही है। यह शिविर इस उद्देश्य से लगाया गया है कि नशा के प्रति लोगों का मोह खत्म हो और एक सभ्य समाज की स्थापना हो। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ.राकेश तिवारी जी ने गांव वालों को राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों से पारिवारिक संबंध जोड़ने हेतु आवाहन किया तथा आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित हुए और अपना संपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन डॉ.प्राची थवाईत सहायक कार्यक्रम अधिकारी जी ने किया। भोजन उपरांत शाम 7:00 बजे कार्यक्रम अधिकारी प्रो.पटेल जी द्वारा शिविर हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया तथा विभिन्न प्रकार के प्रभार स्वयंसेवकों को सोपा गया जिस पर स्वयं सेवकों ने खुशी पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की आश्वासन दी सभी स्वयंसेवक इस शिविर  में उपस्थित होकर गौरान्वित महसूस कर रहे हैं और शिविर को सफल बनाने हेतु अनुशासित जीवन जीते हुए गांव वालों के सम्मुख एक आदर्श प्रस्तुत करना चाहते हैं।