प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू, रायपुर, छत्तीसगढ़ की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर राज्य में हुए शराब घोटाले को लेकर आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।