राष्ट्र प्रेम का अलख जगा कर आध्यात्मिक मूल्यों की स्थापना करने वाले महान संत पूज्य अघोरेश्वर
पूज्य अघोरेश्वर ने सामाजिक कुरूतियो को मिटाकर मानव कल्याण के लिए समर्पित किया जीवन
आज जयंती पर विशेष
समय काल के अनुरूप महान आत्माए धरती मे अवतरित होती है और उनका जीवन राष्ट्र उत्थान एवम मानव कल्याण हेतु समर्पित होता है। पूज्य अघोरेश्वर का भी धरती में अवतरण इसी प्रक्रिया की एक अहम कड़ी मानी जाती है। कुरीतियों अज्ञानता के चक्रव्यूह में फंसी मानव जाति अपना अनमोल जीवन व्यर्थ में गंवा देती है। मानव जाति को इस काकश घेरे से निकालने के लिए ईश्वरीय शक्तियां ही महापुरूषों के रूप में धरती में अवतरित होती रही है। विधि विधान के शाश्वत नियमो का संदेश देकर ऐसे महापुरुषो के संदेश युगों युगों तक मानव जाति के लिए पथ प्रदर्शक की भूमिका का निर्वहन करते है। महापुरुषों के बताए मार्ग के अनुशरण मात्र से समाज के सामने भ्रम की स्थिति उत्पन्न नही होती। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान देश में संकट के बादल मंडरा...










