
पहली छमाही में 10,817 मिलियन यूनिट्स की रिकॉर्ड पावर सेल्स, मीनाक्षी एनर्जी और झारसुगुड़ा प्लांट बने विकास के इंजन
मुख्य बातें
- वेदांता पावर ने दूसरी तिमाही में 26 फीसदी सालाना सेल्स बढ़ोतरी दर्ज की।
- पहली छमाही में 10,817 मिलियन यूनिट्स उत्पादन के साथ 32 फीसदी सालाना सेल्स बढ़ोतरी हुई।
- दूसरी तिमाही में मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड की पावर सेल्स 111 फीसदी और पहली छमाही में 160 फीसदी सालाना बढ़ी।
- झारसुगुड़ा थर्मल पावर प्लांट की दूसरी तिमाही की पावर सेल्स 186 फीसदी बढ़ी। प्लांट अवेलिबिलिटी फैक्टर 43 फीसदी से बढ़कर 98 फीसदी पर पहुंचा।
मुंबई, 6 अक्टूबर, 2026: भारत की अग्रणी विद्युत उत्पादक कंपनी वेदांता पावर लिमिटेड ने आज वित्तीय वर्ष 27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के लिए अपने उत्पादन एवं प्रचालन के प्रदर्शन की घोषणा की। कंपनी ने अब तक की अधिकतम त्रैमासिक पावर सेल्स, 5,593 मिलियन यूनिट्स, के साथ सालाना 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 27 की पहली छमाही में कंपनी ने 10,817 मिलियन यूनिट्स पावर सेल्स दर्ज की, जो सालाना आधार पर 32 फीसदी की बढ़ोतरी है। पोर्टफोलियो में उत्पादन इकाइयों के बेहतर प्रदर्शन और उपलब्धता ने इस प्रगति को मजबूती दी है।
मीनाक्षी एनर्जी में जबरदस्त तेजी
मीनाक्षी एनर्जी में जबरदस्त तेजी और झारसुगुड़ा थर्मल प्लांट में बड़े बदलावों की वजह से कंपनी ने यह विकास दर हासिल की है। दूसरी तिमाही में मीनाक्षी एनर्जी की पावर सेल्स 111 फीसदी सालाना बढ़कर 1,470 मिलियन यूनिट्स पर पहुंच गई। पहली छमाही में यह 160 फीसदी बढ़कर 2,820 मिलियन यूनिट्स हो गई। यह प्रदर्शन 1,000 मेगावॉट की विस्तारित क्षमता के संचालन को दर्शाता है, जिससे कंपनी के कुल उत्पादन पोर्टफोलियो में संयंत्र का योगदान सुदृढ़ हुआ है।
झारसुगुड़ा में उपलब्धता 43 से 98 फीसदी
झारसुगुड़ा थर्मल प्लांट ने भी इस गति को बनाए रखने में सहयोग दिया। दूसरी तिमाही में यहां पावर सेल्स 186 फीसदी बढ़कर 873 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच गई। पहली छमाही में यह 59 फीसदी बढ़कर 1,159 मिलियन यूनिट्स हो गई। संयंत्र ने संचालन की उपलब्धता में भी जबरदस्त सुधार दर्ज किया है। इसका अवेलिबिलिटी फैक्टर दूसरी तिमाही में बढ़कर 98 फीसदी पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 43 फीसदी था।
तलवंडी साबो ने बनाए रखा मजबूत संचालन आधार
विकास को बढ़ावा देने वाले कारकों के साथ तलवंडी साबो थर्मल प्लांट ने भी पोर्टफोलियो में लगातार मजबूत प्रचालन आधार बनाए रखा है। दूसरी तिमाही में यहां पावर सेल्स 6 फीसदी सालाना बढ़कर 2,945 मिलियन यूनिट्स पर पहुंच गई, जबकि पहली छमाही में यह 3 फीसदी बढ़कर 5,668 मिलियन यूनिट्स हो गई। संयंत्र ने वित्तीय वर्ष 27 की पहली छमाही में 86 फीसदी उपलब्धता दर्ज की है। यह पंजाब राज्य सरकार के साथ हुए बिजली खरीद समझौते के तहत तय 80 फीसदी की मानक उपलब्धता से अधिक है।
पोर्टफोलियो के बेहतर इस्तेमाल का नतीजा
वित्तीय वर्ष 2027 की पहली छमाही में 10,817 मिलियन यूनिट पावर सेल्स के साथ वेदांता पावर का प्रदर्शन कंपनी के उत्पादन पोर्टफोलियो की मजबूती को दिखाता है। यह कंपनी के मौजूदा पोर्टफोलियो के बेहतर इस्तेमाल को भी रेखांकित करता है। बेहतर उपलब्धता और प्रमुख एसेट्स से अधिक योगदान ने इस अवधि में रिकॉर्ड बिक्री में मदद की।
भारत में ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने की दिशा में योगदान करते हुए कंपनी भरोसेमंद विद्युत उपलब्ध कराने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है।

