बिंजकोट-दर्रामुड़ा में SEML कंपनी के लापरवाह ठेकेदार ने सड़क उखाड़कर मौत को दिया न्योता, सांकेतिक चिन्ह के अभाव में WBM ढेर में जा घुसे बाइक सवार

रायगढ़/खरसिया, 27 मार्च। औद्योगिक क्षेत्र खरसिया के बिंजकोट-दर्रामुड़ा में विकास के नाम पर विनाश का खेल जारी है। सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड (SEML) द्वारा सड़क निर्माण का जिम्मा संभाले ठेकेदार राकेश गर्ग खरसिया की घोर लापरवाही अब ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ने लगी है। अभी दो दिन पहले ही 25 मार्च को इस मार्ग की बदहाली और कछुआ गति से चल रहे काम को लेकर आवाज उठाई गई थी, लेकिन न तो ठेकेदार की सेहत पर कोई असर पड़ा और न ही कंपनी प्रबंधन की नींद खुली। नतीजा यह हुआ कि आज 27 मार्च की रात एक और बड़ा सड़क हादसा होते-होते बचा, जिसने ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, आज रात कंपनी के गेट नंबर 2 के पास एक बाइक पर सवार दो युवक कंपनी की ओर से बाजार चौक दर्रामुड़ा की ओर आ रहे थे। सड़क पर ठेकेदार ने डब्लूबीएम (WBM) मटेरियल का ढेर तो लगा दिया है, लेकिन उसे फैलाकर फिलिंग करने की जहमत नहीं उठाई। आलम यह है कि पूरे रास्ते में न तो कोई रेडियम साइन बोर्ड है और न ही कोई चेतावनी सूचक संकेतक। रात के अंधेरे में सामने से आ रहे एक भारी वाहन की लाइट की चकाचौंध के कारण बाइक सवार को सड़क पर बिखरा मटेरियल नजर नहीं आया और वे सीधे पत्थरों के ढेर में जा घुसे। गनीमत रही कि उसी दौरान वहां से गुजर रहे ग्राम पंचायत दर्रामुड़ा के उप-सरपंच कुश पटेल ने तत्परता दिखाई और घायलों की मदद कर उन्हें सुरक्षित घर भिजवाया। हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना इस बात की तस्दीक करती है कि यहां किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है।

ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि ठेकेदार राकेश गर्ग ने पुरानी पीएमजीएसवाई (PMGSY) सड़क को उखाड़कर धूल और गड्ढों के हवाले कर दिया है। आरसीसी रोड बनाने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। धूल के गुबार से ग्रामीणों का दम घुट रहा है और अब सड़कों पर पड़े मटेरियल के ढेर जानलेवा साबित हो रहे हैं। उप-सरपंच कुश पटेल ने मौके पर ही नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ठेकेदार और कंपनी प्रबंधन को इस विषय पर तत्काल ध्यान देना चाहिए, वरना स्थिति और भी भयावह हो सकती है। कंपनी का सिविल विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है, जिससे ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं। सवाल यह उठता है कि क्या कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार किसी की मौत के बाद ही जागेंगे? आखिर बिना सुरक्षा मानकों और सांकेतिक चिन्हों के सड़क निर्माण का यह जानलेवा खेल कब तक चलता रहेगा?

25 मार्च को प्रकाशित खबर नीचे पढ़िए..

बिंजकोट-दर्रामुड़ा में SEML कंपनी की सड़क निर्माण में ठेकेदार की घोर लापरवाही, PMGSY सड़क उखाड़कर छोड़ दी, रात में धूल और गड्ढों से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त, कोई साइन बोर्ड नहीं, काम कछुए की गति से, कंपनी प्रबंधन भी सोया हुआ