
- घरघोड़ा के दो केंद्रों से छोटे वाहनों में धान की ढुलाई
रायगढ़। धान परिवहन कार्य में बहुत ही अजीबोगरीब केस सामने आ रहे हैं। रायगढ़ के एक राईस मिल संचालक ने दो उपार्जन केंद्रों में ऐसे वाहनों से सैकड़ों बोरियां उठवा लीं, जिनकी क्षमता ही 50 क्विंटल की है। एआई की मदद से राज्य स्तर पर हुई जांच में खुलासा हुआ है। धान खरीदी में हर बार घोटाला करने के लिए नए तरीके खोजे जाते हैं। इस बार सरकार ने सख्ती बढ़ाई तो रिसायक्लिंग के लिए मिलर्स ही प्रबंधकों से मिल गए। एआई की मदद से जांच की गई तो पता चला कि राईस मिलर्स ने एक ही गाड़ी से एक ही समय में दो बार धान का उठाव किया। धान को मिल में ले जाने के बजाय वापस समिति में ही बेच दिया। बोगस एंट्री के लिए ऐसा किया गया। सभी जिलों में गाडिय़ों और मिलर्स की सूची निकाली गई जिसमें रायगढ़ की शुभम राईस मिल घरघोड़ा का नाम निकला है।
घरघोड़ा के कोटरीमाल और चितवाही से धान उठाने के लिए दो ऐसी गाडिय़ां लगाई गई, जिनकी लोडिंग क्षमता 44-45 क्विंटल की थी। शुभम राईस मिल ने डीओ के एवज में आयशर कंपनी की गाड़ी क्रमांक सीजी 13 जेड 9519 को 17 दिसंबर 2025 को कोटरीमाल उपार्जन केंद्र में भेजा। वाहन की वहन क्षमता 44 क्विंटल थी लेकिन 120 क्विंटल धान लोड किया गया। इतने धान के लिए 300 बोरियां लोड की गईं। 76 क्विं. वजन अधिक लोड किया गया। इसी वाहन से 4 जनवरी 2026 को पुन: 180 क्विं. धान का परिवहन किया गया। जिस गाड़ी की क्षमता ही 44 क्विंटल है, उसमें 180 क्विं. धान कैसे लोड किया गया होगा। दिनांक 19 दिसंबर को वाहन क्रमांक सीजी 13 यूएच 8519 को कोटरीमाल केंद्र में लगाया गया। इसकी क्षमता 45 क्विं. थी लेकिन गाड़ी में 120 क्विं. धान लोड किया गया। 74 क्विं. अतिरिक्त धान लोड किया गया। यह अलग स्तर का फर्जीवाड़ा है जिसमें केवल गाड़ी नंबर की एंट्री हुई।
कैसे हुई गड़बड़ी, कौन है जिम्मेदार
इस केस को देखकर पता चलता है कि जिला स्तर पर धान खरीदी में किस कदर अंधेरगर्दी चल रही है। गाड़ी उस केंद्र में पहुंची ही नहीं होगी। केवल नंबर एंट्री करके गोलमाल किया गया। धान की रिसायक्लिंग होने या फर्जी नंबर प्लेट होने की पूरी संभावना है। किसानों को रोकने के लिए पूरी ताकत लगाई जा रही है लेकिन मिलर्स और प्रबंधकों की सांठगांठ से घपला होने दिया जा रहा है। परिवहन के दौरान हुई इस तरह की गड़बड़ी ओर भी केंद्रों में हुई होगी। इस पर कब कार्रवाई होगी। घरघोड़ा के इस राईस मिल के भौतिक सत्यापन में कई राज खुलेंगे।

