
- नगेंद्र नेगी और तारेंद्र डनसेना ने सरकार को घेरा, उच्चस्तरीय जांच की मांग
रायगढ़, 03 मार्च, 2026। रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परासकोल में हुए हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस हिरासत में लिए गए एक निर्दोष ग्रामीण रमेश चौहान की हालत बिगड़ने के मामले में जिला कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष (ग्रामीण) नगेंद्र नेगी एवं जिला प्रवक्ता तारेंद्र डनसेना ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस पूरी घटना को अमानवीय और वर्दी का खुला दुरुपयोग करार दिया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परासकोल निवासी रमेश चौहान पुलिस पूछताछ के लिए सुबह पूरी तरह स्वस्थ हालत में थाने गया था, लेकिन पुलिस की कथित प्रताड़ना के कारण उसे एक साइड पैरालिसिस (लकवा) मार गया है। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रायगढ़ से राजधानी रायपुर रेफर किया गया है, जहाँ वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।
जिला अध्यक्ष नगेंद्र नेगी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार से इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने घोषणा की कि होली पर्व के तत्काल बाद जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से एक ‘स्वतंत्र जांच टीम’ गठित की जाएगी, जो पीड़ित परिवार से मुलाकात कर वस्तुस्थिति की जानकारी जुटाएगी और अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी। नेगी ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि खुद एसडीएम (प्रवीण तिवारी) द्वारा पीड़ित परिवार की बेबसी देखकर ₹5000 की फौरी मदद देना और निजी एंबुलेंस से उसे रायगढ़ भिजवाना, प्रशासन की ओर से एक परोक्ष स्वीकारोक्ति है कि युवक के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने मांग की कि दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उन पर FIR दर्ज की जाए और पीड़ित के इलाज का संपूर्ण खर्च सरकार वहन करे।
कांग्रेस प्रवक्ता तारेंद्र डनसेना ने भाजपा सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि रायगढ़ में हुए सीटी स्कैन में युवक के सिर के भीतर खून का थक्का (Blood Clot) जमने की पुष्टि हुई है, जो स्पष्ट रूप से पुलिसिया टॉर्चर का प्रमाण है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने स्वयं इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए असली आरोपी राहुल यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने महज ₹3000 के विवाद में हत्या करना कबूल किया है। डनसेना ने सवाल उठाया कि जब कातिल कोई और था, तो परासकोल के एक निर्दोष ग्रामीण को किस आधार पर इतनी बेरहमी से पीटा गया कि वह अपाहिज हो गया? पुलिस द्वारा पीड़ित को ‘आदतन शराबी’ बताकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश को कांग्रेस ने बेहद शर्मनाक बताया है।
जिला कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं और जब तक जांच पूरी होकर दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक पूरी प्रमुखता से उठाती रहेगी।

