श्रीराम ट्रांसपोर्ट फायनेंस कंपनी, रायगढ़ का चैंक बाउंस का मामला खारिज.. न्यायालय के निर्णय से फायनेंस कंपनी को तगड़ा झटका
फायनेंस कंपनियॉ मोटर गाड़ी फायनेंस करते समय अपनी शर्तो पर ऋण अनुबंध पर हस्ताक्षर करवाते समय 04 कोरा चेक लेकर रख लेती हैं। मासिक ईएमआई अदायगी में चूक होने पर कानून की प्रक्रिया को ठेंगा दिखाते हुए उनके ऐजेन्ट अवैध रूप से वाहन छीन कर ले जा लेते हैं। परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 का सहारा लेकर फायनेंस कंपनी को लाखों का वाहन मिल जाता हैं और ग्राहक/ऋणी के हिस्से में बेरोजगारी, मुकदमें और परेशानियाँ आ जाती हैं। कानून एवं न्याय का सवाल यह हैं कि ग्राहक से लाखों रूपए का वाहन छीन लेने के बाद भी फायनेंस कंपनी का पैसा बकाया कैसे रह जाता हैं?
न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, रायगढ़, पीठासीन अधिकारी प्रवीण मिश्रा की अदालत में *श्रीराम* *ट्रांसपोर्ट* *फायनेंस* *कंपनी* शाखा रायगढ़ की ओर से कंपनी के शाखा प्रबंधक द्वारा क्रमशः *06.95लाख* एवं *11.34 लाख* रूपए का चैंक अनादरण का दो परिवाद पत्र धारा 138 प...










