
- दूसरों के लिए जीने में जो आनंद हैं वो किसी में नहीं
- अंजान कोई नहीं इस धरती में सब अपने है
- भास्कर जी का परिवार अब हेल्पिंग हैंड्स का परिवार है
- हेल्पिंग हैंड्स परिवार ने सूचना मिलते ही त्वरित पहुंचाई मदद
- घर के जरूरत की हर सामग्री सहित राशन पहुंचाया चंद घंटों में
सारंगढ़। मानवसेवा माधवसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के सदस्य असहाय लोगों के आपातकाल स्थिति में भगवान के दूत बनकर खड़े रहते है ये हम हमेशा ही देखते आ रहे है। वही एक किस्सा अचानक ऐसा हो जाता है जहां 37 साल की उम्र में जय प्रकाश भास्कर को दिल को दौरा पड़ने से मृत्यु हो जाती है। जयप्रकाश की बीवी एवं 3 बेटी है और आगे पीछे कोई नहीं। रोज कमाकर खाने वाला यह परिवार अब किसके सहारे जीएगा। इनकी पूरी तकलीफ का ब्यौरा पड़ोसी दिलेश्वर रात्रे ने सोशल मीडिया में साझा की। साथ ही हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के मुख्य लोगो को जानकारी दी। हमेशा की तरह इस बार भी हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन ने मानवता की मिशाल पेश की। हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन ने तत्काल ऑनलाइन मीटिंग कर जिसमें प्रदेश संरक्षक मनोज गोयल, प्रदेश संरक्षक डॉक्टर रमेश अग्रवाल, प्रदेश एवं संस्थापक अध्यक्ष अंकित अग्रवाल, उपाध्यक्ष विन्नी सलूजा, तरुण अग्रवाल, रिंकू केडिया , विवेक श्रीवास्तव, अमित केडिया, उदित अग्रवाल ,रजत अग्रवाल,महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष बबीता अग्रवाल, सचिव भारती मोदी,उपाध्यक्ष सुनीता पांडे, ज्योति अग्रवाल, अनामिका मिश्रा,अल्पना शर्मा, सुजाता अग्रवाल, श्रुति श्रीवास्तव, सेजल खंडेलवाल, वर्षा अग्रवाल आदि सदस्यों ने निर्णय लिया।
हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के वॉलंटियर्स पहुंचे पिंडरी गांव भास्कर के घर दिलेश्वर रात्रे के साथ एवं महीने भर का राशन एवं घर के हर जरूरत के समान देकर आए। साथ ही हेल्पिंग हैंड्स क्लब के संरक्षक मनोज गोयल ने कहा कि तीनों बच्चियां की पढ़ाई अच्छे से हो इसके लिए हम पूरा सहयोग करेंगे एवं बच्चों को सी ए, कलेक्टर , पुलिस जो बनना हो हमारी संस्था पूर्ण रूप से अपना परिवार का सदस्य मानकर उनकी मदद करेगा। हेल्पिंग हैंड्स क्लब प्रतिदिन लोगों की दिल में अपनी एक अलग जगह बनाते जा रहा है। निस्वार्थ भाव से ऐसा पुनीत कार्य और त्वरित मदद पहुंचाना वाकई में एक मिशाल से कम नहीं। ग्राम वासियों ने भी हर संभव मदद हेतु हाथ आगे बढ़ाया है। एवं भास्कर की धर्मपत्नी ने एवं बेटियों ने संस्था का पूरे दिल से आभार व्यक्त किया है। वही हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के संरक्षक डॉक्टर रमेश अग्रवाल ने कहा कि हम प्रयासरत है कि बहन भास्कर को हम कोई अच्छी नौकरी लगवा सके जिससे उनका घर हमेशा वो चला सके। आपको बता दे कि हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन निरंतर ही इस प्रकार से हर वर्ग की मदद एवं रक्तदान प्रतिदिन करवा कर जरूरतमंद लोगों के चेहरे में मुस्कान बिखेरता है।

