
आम जनता के लिए खुले संयंत्र के द्वार
हजारों ग्रामीणों ने किए देवशिल्पी के दर्शन, ग्रामीण उत्पादों की हुई जमकर बिक्री
रायगढ़, 17 सितंबर 2026। सृजन, शिल्प और निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती जिंदल स्टील, रायगढ़ में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संयंत्र के सेंट्रल वर्कशॉप के सामने भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। जिंदल स्टील रायगढ़ के कार्यपालन निदेशक देबोज्योति रॉय ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर संयंत्र, अधिकारियों-कर्मचारियों तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और निरंतर प्रगति की कामना की।

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार जिंदल स्टील का मेन गेट आम जनता के लिए खोला गया। सुबह से ही आसपास के गांवों के हजारों ग्रामीण एवं शहरवासी भगवान विश्वकर्मा के दर्शन और संयंत्र परिसर में आयोजित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन करने पहुंचे। पतरापाली, किरोड़ीमल नगर, गोरखा, भगवानपुर, खैरपुर, कोसमपाली, उच्चभिट्ठी, गोदामडीपा, धनागर, कलमी सहित आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वकर्मा के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों में भी भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की गई। कंपनी के वाहनों एवं विभिन्न मशीनरी और उपकरणों की भी विधिवत पूजा की गई।

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर सेंट्रल गैरेज के सामने जिंदल समूह से जुड़ी तस्वीरों तथा जिंदल स्टील में निर्मित होने वाले विभिन्न उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यपालन निदेशक देबोज्योति रॉय ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। छायाकार कमल शर्मा द्वारा खींचे गए जिंदल समूह से जुड़े छायाचित्रों ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। वहीं, कंपनी में निर्मित विभिन्न उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरवासी पहुंचे। प्रदर्शनी में जिंदल स्टील की औद्योगिक गतिविधियों, उत्पादों और समूह की विभिन्न उपलब्धियों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए लोगों में खासा उत्साह देखा गया।

मानव संसाधन एवं कर्मचारी सेवाएं विभाग द्वारा आयोजन की व्यवस्थाओं के साथ श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। वहीं, जनसंपर्क विभाग द्वारा ग्रामीणों को विशेष कैलेंडर वितरित किए गए। भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर तथा जिंदल स्टील समूह के विभिन्न संयंत्रों के छायाचित्रों से सजे इन कैलेंडरों को प्राप्त करने के लिए ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा गया। पूरे दिन जिंदल स्टील परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और वातावरण में उत्सव एवं उल्लास का माहौल रहा।

ग्रामीण उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री
जिंदल फाउंडेशन के सहयोग से आसपास के गांवों में ग्रामीणों, विशेषकर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को भी विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर विशेष स्टॉल के माध्यम से प्रदर्शित एवं विक्रय किया गया। स्टॉल में झारा शिल्पकारों द्वारा तैयार कलाकृतियों के साथ बांस शिल्प, विभिन्न प्रकार के दीये, रंग-बिरंगी मोमबत्तियां और सजावटी सामग्री प्रदर्शित की गई। महिला समूहों द्वारा तैयार अचार, पापड़, बड़ी, बिजौरी तथा मिलेट्स से तैयार लड्डू सहित अन्य उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध थे। इन उत्पादों को लोगों ने काफी पसंद किया और कई उत्पाद हाथों-हाथ बिक गए। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा भी एक जागरूकता स्टॉल लगाया गया, जिसके माध्यम से लोगों को कार्यस्थल एवं दैनिक जीवन में सुरक्षा के महत्व की जानकारी दी गई।

पूंजीपथरा में भी श्रद्धा के साथ हुई विश्वकर्मा पूजा
जिंदल स्टील के एसएसडी, पूंजीपथरा में भी भगवान विश्वकर्मा जयंती उत्साह, श्रद्धा और उमंग के साथ मनाई गई। प्लांट परिसर में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर एसएसडी प्लांट प्रमुख सुभाष जैन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं लेडीज क्लब की सदस्य उपस्थित रहीं। सभी ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर प्लांट की सुख-समृद्धि, सुरक्षा एवं निरंतर प्रगति की कामना की। पूजा के दौरान पूरे परिसर में उत्सव और उल्लास का वातावरण बना रहा।

