
खरसिया, 23 मई। खरसिया से इस वक्त की बेहद शर्मनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सैनिक फ्यूल्स की तानाशाही और घोर मनमानी के आगे बेबस आम जनता खून के आंसू रोने को मजबूर है। ग्राम रानीसागर और कुनकुनी के बीच डोलपाहरी के पास स्थित सैनिक फ्यूल्स ने अपनी हठधर्मिता की सारी हदें पार कर दी हैं। तपती शाम से ही लोग अपनी गाड़ियों में डीजल डलवाने के लिए कतारों में खड़े हैं, लेकिन इस निरंकुश फ्यूल्स पंप के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। चार पहिया वाहनों से लेकर बड़ी-बड़ी गाड़ियों की मीलों लंबी लाइनें लग चुकी हैं, पहिए थम गए हैं और पूरा इलाका चक्काजाम जैसी स्थिति से जूझ रहा है।

सबसे ज्यादा हैरान और आक्रोशित करने वाली बात तो यह है कि सैनिक फ्यूल्स के परिसर में खुद एक बड़ा डीजल टैंकर खड़ा दिखाई दे रहा है, इसके बावजूद आम जनता को साफ तौर पर डीजल देने से मना किया जा रहा है। जब परेशान और बेहाल लोग वहां मौजूद कर्मचारियों से मिन्नतें कर रहे हैं, तो वे बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए सीधा जवाब दे रहे हैं कि मालिक ने साफ मना किया है। यह सीधे तौर पर जनता की मजबूरी का फायदा उठाने और कृत्रिम किल्लत पैदा करने की एक घटिया साजिश नजर आती है, जिसने सैनिक फ्यूल्स के अमानवीय चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।

इस घोर लापरवाही और तानाशाही के कारण क्षेत्र की जनता के बीच भारी आक्रोश पनप रहा है और लोग मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। इस गंभीर संकट को देखते हुए अब शासन-प्रशासन को तुरंत गहरी नींद से जागना होगा और जनता को इस शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए सैनिक फ्यूल्स के खिलाफ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी ताकि इनकी गुंडागर्दी पर हमेशा के लिए लगाम कसी जा सके।



