
- भाजपा को हिंदू विरोधी बताए जाने पर अब जिला भाजपा अध्यक्ष अरुण धर दीवान ने किया कांग्रेस पर किया पटलवार
रायगढ़ :- भाजपा को हिंदू विरोधी बताए जाने पर जिला भाजपा अध्यक्ष अरुण धर दीवान ने अब कांग्रेस को आड़े हाथों लेते पटलवार करते हुए कहा आतंकी संगठनों को बचाने के लिए यूपीए सरकार ने हिंदुओं को आतंकी निरूपित करने भगवा आतंकवाद की साजिश रखी और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े नेताओं साधु संतों को जेल में डाल दिया। आरएसएस संगठन को बदनाम करने का कुचक्र रचा।
यूपीए सरकार के नेतृत्व में 2004 से 2014 तक का कालखंड हर दूसरे महीने में बम धमाकों का गवाह रहा और इन दस सालों में इन आतंकी हमलों में आठ हजार से ज्यादा नागरिक इन हमलों में मारे गए। वाराणसी में संकट मोचन मंदिर पर हमला हो या मालेगांव धमाके में बम धमाका हो या समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट का मामला हो यूपीए सरकार के दौरान इन आधा दर्जन हमलों में कट्टरपंथी संगठनों के नाम आए।अरुण धर दीवान ने कहा इन आतंकी संगठनों पर कार्यवाही करना कांग्रेस की यूपीए सरकार के लिए किसी पीड़ा से कम नहीं था।
सरकार को लगता था कि ऐसे कदम से भारत में बैठे पाक प्रेमी खास वोट बैंक नाराज हो जायेगा। यूपीए सरकार ने इस सब हमलों का जिम्मेदार हिंदुओं को बताने के लिए भगवा आतंकवाद का झूठा नेरेटीव स्थापित कर भारतीय राजनीति का सबसे घिनौना अध्याय लिखा । हिंदुओं को निशाना बनाकर सबसे पुरानी सभ्यता सर्वे भवंतु सुखिनः के सिद्धांत को मिटाने की शुरुवात की गई।इसका ज्रिक पूर्व नौकरशाह जो खुद इस मीटिंग में शामिल थे।
उन्होंने अपनी लिखी पुस्तक में लिखा कि बैठक में शिवराज पाटिल दिग्विजय सिंह मौजूद ने आतंकी संगठनों के शामिल होने की जानकारी पर भी कहा गया कि हमले में हिंदू संगठनों को फसाना है और यही से शुरू हुआ कांग्रेस का वह खेल जिसमें असली गुनहगारों को बचाया गया और हिंदुओं को बलि का बकरा बनाया गया । मालेगांव बम ब्लास्ट में सिमी और अल हदीस संगठन शामिल था लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे पलटते हुए साध्वी प्रज्ञा और पूर्व सेवा अधिकारी कर्नल पुरोहित को अपराधी बनाकर जेल में डाल दिया। बाद में कोर्ट ने इन्हें बा इज्जत बरी कर दिया।
समझौता एक्सप्रेस में 68 लोगों की जाने गई । अमेरिका ने भी आतंकी संगठन के सरगना मोहम्मद आसमानी को समझौता ब्लास्ट का मास्टरमाइंड माना लेकिन कांग्रेस की रिमोट सरकार ने इस मामले में कर्नल पुरोहित असीमानंद और लोकेश शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मक्का मस्जिद सहित अन्य धमाकों के अभी आतंकी संगठनों की संलिप्तता पाई गई लेकिन यूपीए सरकार ने प्रायोजित तरीके से इस केस का ठीकरा भी असीमानंद सहित चार अन्य हिंदू संगठन के सदस्यों के सर पर फोड़ते हुए झूठे केस में फसा कर जेल भेज दिया गया ताकि भगवा आतंकवाद को देश भर में स्थापित कर हिंदूवादी संगठनों को आसानी से बदनाम किया जा सके।
निर्दोष हिन्दू नेता सालो तक ऐसे मामले में जेल के रहे जो अपराध उन्होंने कभी किया ही नहीं। कांग्रेस ने सिर्फ सत्ता के लिए देश के साधु संतों और हिंदू समाज की नीचा दिखाने का काम किया। भाजपा नेता दीवान ने इसे भारत के खिलाफ किया गया सबसे बड़ा राजनीतिक अपराध निरूपित किया।

