
रायगढ़/घरघोड़ा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के तत्वावधान एवं माननीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) रायगढ़ के दिशा-निर्देशानुसार, आज ग्राम घरघोड़ा में ‘विद्युत उपभोक्ता अधिकार’ विषय पर एक दिवसीय विधिक साक्षरता शिविर का सफल आयोजन किया गया।शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत उनके वैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया गया।
पैरालीगल वालिंटियर्स (PLV) ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता केवल सेवा प्राप्तकर्ता नहीं हैं, बल्कि कानून के दायरे में उन्हें कई संरक्षण भी प्राप्त हैं। निःशुल्क विधिक सहायता और विवाद निपटारा शिविर के दौरान नालसा (NALSA) की योजनाओं का प्रचार करते हुए बताया गया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत पात्र व्यक्ति कैसे ‘निःशुल्क कानूनी सहायता’ प्राप्त कर सकते हैं।
उपभोक्ताओं को बताया गया कि वे अपने बिजली संबंधी विवादों का समाधान उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (CGRF) और लोक अदालत के माध्यम से त्वरित और सुलभ तरीके से कर सकते हैं। इस जागरूकता अभियान में पैरालीगल वालिंटियर बालकृष्ण, टीकम सिदार और लवकुमार चौहान ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने ग्रामीणों को विद्युत अधिनियम, 2003 की जानकारी देते हुए बताया कि उपभोक्ता बिजली संबंधी शिकायतों का निराकरण ‘विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम’ (CGRF) और ‘लोक अदालत’ के माध्यम से आसानी से कर सकते हैं।
बिचौलियों के शोषण से बचने के लिए सीधे विधिक मंचों का सहारा लेने की सलाह दी गई। PLVs ने शिक्षा का अधिकार (RTE), बाल श्रम निषेध और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के बारे में विस्तार से बताया। ग्रामीणों को समझाया गया कि बच्चों का शारीरिक या मानसिक शोषण कानूनन अपराध है और किसी भी आपात स्थिति में वे ‘चाइल्ड हेल्पलाइन 1098’ या विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ की मदद ले सकते हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य ‘न्याय सबके लिए’ के संकल्प को पूरा करना और निःशुल्क कानूनी जानकारी प्रदान करना रहा।

