
रायगढ़। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य कर रही एनटीपीसी लारा परियोजना अब तक 6 लाख से अधिक पौधों का रोपण कर चुकी है। इसके साथ ही परियोजना परिसर में ‘मियावाकी पद्धति’ के अंतर्गत स्थानीय एवं घने वृक्षों का वन विकसित कर जैव विविधता संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी कड़ी में, विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर एनटीपीसी लारा में 29 मई से 05 जून तक पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता को समर्पित सप्ताहभर के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इन कार्यक्रमों में कर्मचारियों, सहयोगी कर्मियों, उनके परिजनों तथा जीईएम (GEM) प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान स्लोगन लेखन, चित्रकला, निबंध लेखन एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया। जीईएम प्रतिभागियों के लिए आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें युवा प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी रचनात्मक सोच प्रस्तुत की। सप्ताहभर चले इन कार्यक्रमों का समापन 05 जून को एक प्रभात फेरी के साथ हुआ। प्रभात फेरी के माध्यम से टाउनशिप में पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता का संदेश दिया गया। इसके पश्चात आयोजित पर्यावरण संरक्षण शपथ समारोह में मुख्य परियोजना प्रमुख सुभाष ठाकुर ने उपस्थित कर्मचारियों एवं सहयोगियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।
सभी प्रतिभागियों ने शपथ बोर्ड पर हस्ताक्षर कर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को दोहराया। इसके बाद टाउनशिप स्थित जलाशय के समीप वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य परियोजना प्रमुख श्री सुभाष ठाकुर, प्रेरिता महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती रेखा ठाकुर, जीएम (प्रचालन एवं अनुरक्षण) केशब चंद्र सिंह रॉय तथा जीएम (परियोजना) हेमंत पावगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रेरिता महिला समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण कर हरित एवं सतत भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का आह्वान किया। प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न इस आयोजन ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक चेतना को और अधिक सशक्त किया।
यह कार्यक्रम “स्वच्छ, हरित एवं सतत भविष्य के लिए हम सब साथ हैं” के बुलंद संदेश के साथ संपन्न हुआ।

