
खरसिया। भीषण गर्मी के बीच शहर में गहराए पेयजल संकट को लेकर अब कांग्रेस ने नगर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विकास और सौंदर्यीकरण के दावों के बीच 18 वार्डों में पानी की किल्लत को लेकर बुधवार को शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील शर्मा के नेतृत्व में नगर पालिका का उग्र घेराव किया गया। पूर्व मंत्री व विधायक उमेश पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता हाथों में खाली मटके व तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे।
बुधवार सुबह साढ़े दस बजे हनुमान चौक से इस रैली की शुरुआत हुई। कांग्रेस के इस आंदोलन को धार देने के लिए रैली के साथ चल रहे एक पिकअप वाहन में लाउडस्पीकर लगाए गए थे, जिसके जरिए माइक से लगातार पानी की समस्या को लेकर नगर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की जा रही थी। वाहन पर “पानी हमारा अधिकार है” ”पानी दो न्याय दो” जैसे नारों वाले बैनर लगे थे। हाथों में कांग्रेस के झंडे और जुबान पर “नगर पालिका कमीशन में मस्त, जनता पानी से त्रस्त” जैसे नारों के साथ कांग्रेसियों का यह हुजूम काली मंदिर व पोस्ट ऑफिस होते हुए सीधे नगर पालिका कार्यालय पहुंचा। कार्यकर्ताओं के हाथों में खाली मटकियों के साथ “नगर सरकार होश में आओ”, ” पानी दो या इस्तीफा दो”, “पानी दो न्याय दो” लिखे स्लोगन वाली तख्तियां भी थीं।
नगर पालिका पहुंचते ही माहौल गहमागहमी भरा हो गया। पुलिस बल की भारी मौजूदगी के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी नीतू अग्रवाल को घेरकर सवालों की झड़ी लगा दी। नगर सरकार द्वारा 40 टैंकर चलाने के दावे को खारिज करते हुए कांग्रेसियों ने दो टूक कहा कि धरातल पर केवल 8 टैंकर चल रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घेराव के दबाव में पालिका प्रशासन ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए आनन-फानन में दिखावे के लिए कुछ बस्तियों में तीन-तीन टैंकर भेज दिए। इसी तीखी बहस के बीच कांग्रेस नेताओं ने अधिकारियों के हाथों में एक ‘खाली मटका’ थमाकर प्रतीकात्मक संदेश दिया कि जिस तरह यह घड़ा खाली है, खरसिया की जनता के बर्तन भी वैसे ही सूखे पड़े हैं।
इस दौरान शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील शर्मा और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने सीएमओ को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें शहर के जल संकट और चरमराई व्यवस्था का पूरा कच्चा चिट्ठा था। ज्ञापन में वार्ड 1, 2, 3, 4, 6, 7, 9 से लेकर 18 तक के दर्जनों मोहल्लों में भागीरथी कनेक्शन न होने और पानी की घोर किल्लत का बिंदुवार जिक्र किया गया। इसके अलावा शहर की ठप सफाई व्यवस्था (विशेषकर पुरानी बस्ती व ठाकुरदिया), खस्ताहाल सड़कें, खराब स्ट्रीट लाइट और निर्माण कार्यों में खुले भ्रष्टाचार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उल्टी दिशा में असंवैधानिक रूप से बनाई गई नालियां 15 मिनट की बारिश में ही बह गईं। इसके साथ ही स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और चौपाटी निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग भी रखी गई। कांग्रेस नेतृत्व ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को सख्त हिदायत दी है कि यदि जल संकट और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी इन समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में कांग्रेस द्वारा उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

