जब हाथों में आई घर की चाबी, खुशी से भर आईं आंखें

वनांचल के परिवारों का वर्षों पुराना सपना हुआ पूरा, बाकारुमा शिविर में मिली पक्के आशियाने की सौगात

रायगढ़, 02 जून 2026। सिर पर पक्की छत का सपना हर परिवार देखता है। धरमजयगढ़ विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र के कुछ परिवारों के लिए यह सपना बाकारुमा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में साकार हो गया। जब हितग्राहियों के हाथों में उनके नए घर की चाबी सौंपी गई, तो उनके चेहरों पर खुशी, संतोष और आत्मविश्वास की अनमोल झलक दिखाई दी। शिविर में गम्मत राम राठिया, विजय राठिया, जनपति चौहान, सुकांत सारथी एवं रंभा बाई को उनके पूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण पक्के आवासों की प्रतीकात्मक चाबी प्रदान की गई। चाबी मिलते ही परिवारों की आंखों में अपने घर के सपने के पूरे होने की चमक साफ दिखाई दी। वर्षों तक कच्चे मकानों में रहकर मौसम की मार झेलने वाले इन परिवारों के लिए यह सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार है।

हितग्राहियों ने बताया कि अब उन्हें बारिश में टपकती छत और असुरक्षित आवास की चिंता नहीं रहेगी। बच्चों को बेहतर माहौल मिलेगा और परिवार सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकेगा। अपने सपनों का घर मिलने पर उन्होंने शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं अंतिम छोर तक पहुंच रही हैं। बाकारुमा शिविर में आवास की चाबी मिलने की यह खुशी केवल पांच परिवारों की नहीं, बल्कि उन हजारों ग्रामीणों की उम्मीद का प्रतीक है, जो विकास और बेहतर जीवन की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। पक्के घर की चाबी ने सिर्फ दरवाजे नहीं खोले, बल्कि इन परिवारों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई राह भी खोल दी।