IPL 2021 में जानिए क्या है नीलामी की प्रक्रिया, किस टीम के पास है कितना पैसा, कैसे होता है RTM कार्ड का इस्तेमाल ? पढ़े खबर

खेल डेस्क। इस बार नीलामी में 292 खिलाड़ियों पर बोली लगेगी। इनमें से अधिकतम 61 खिलाड़ी ही खरीदे जा सकते हैं। सबसे पहले बल्लेबाजों की नीलामी होगी। उसके बाद ऑलराउंडर्स और विकेटकीपर्स का नंबर आएगा। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2021 के लिए 18 फरवरी को चेन्नई में दोपहर 3:00 बजे (भारतीय समयानुसार) नीलामी होनी है। कोविड-19 महामारी के कारण इस बार नीलामी थोड़ी देर से शुरू हो रही है। आईपीएल 2020 के लिए 19 दिसंबर 2019 को ही नीलामी हो गई थी। इस बार नीलामी में 292 खिलाड़ियों पर बोली लगेगी। इनमें से अधिकतम 61 खिलाड़ी ही खरीदे जा सकते हैं। सबसे पहले बल्लेबाजों की नीलामी होगी। उसके बाद ऑलराउंडर्स और विकेटकीपर्स का नंबर आएगा। आइए यहां जाने नीलामी से जुड़ी पूरी प्रक्रिया।

आईपीएल (IPL) में 2 तरह की नीलामी होती है, मेगा और मिनी। दोनों तरह में में फाइनल लिस्ट में शामिल खिलाड़ियों को कैप्ड, अनकैप्ड और ओवरसीज (विदेशी) के हिसाब से बांटा जाता है। उन खिलाड़ियों को बल्लेबाजों, गेंदबाजों, विकेटकीपर और ऑलराउंडर्स के अलग-अलग ग्रुप में रखा जाता है। ऑक्शन (Auction) के दौरान नीलामकर्ता बेस प्राइस के साथ खिलाड़ियों का नाम पुकारेगा। इसके बाद फ्रैंचाइजी इच्छानुसार पैडल उठाकर बोली लगाना शुरू करती हैं। जो फ्रैंचाइजी सबसे बड़ी बोली लगाती है, खिलाड़ी उसका हो जाता है। अनसोल्ड खिलाड़ी तभी बिकते हैं, जब फ्रैंचाइजी इन्हें दोबारा खरीदने की इच्छा जताती है। यह प्रक्रिया नीलामी के अंतिम चरण में होती है। साल 2018 में आखिरी बार मेगा ऑक्शन हुआ था। अगले साल दो और टीमें IPL (Indian Premier League) से जुड़ जाएंगी। ऐसे में अगला मेगा ऑक्शन 2022 में होगा।

आईपीएल (IPL) में 2 तरह की नीलामी होती है, मेगा और मिनी। दोनों तरह में में फाइनल लिस्ट में शामिल खिलाड़ियों को कैप्ड, अनकैप्ड और ओवरसीज (विदेशी) के हिसाब से बांटा जाता है। उन खिलाड़ियों को बल्लेबाजों, गेंदबाजों, विकेटकीपर और ऑलराउंडर्स के अलग-अलग ग्रुप में रखा जाता है। ऑक्शन (Auction) के दौरान नीलामकर्ता बेस प्राइस के साथ खिलाड़ियों का नाम पुकारेगा। इसके बाद फ्रैंचाइजी इच्छानुसार पैडल उठाकर बोली लगाना शुरू करती हैं। जो फ्रैंचाइजी सबसे बड़ी बोली लगाती है, खिलाड़ी उसका हो जाता है। अनसोल्ड खिलाड़ी तभी बिकते हैं, जब फ्रैंचाइजी इन्हें दोबारा खरीदने की इच्छा जताती है। यह प्रक्रिया नीलामी के अंतिम चरण में होती है। साल 2018 में आखिरी बार मेगा ऑक्शन हुआ था। अगले साल दो और टीमें IPL (Indian Premier League) से जुड़ जाएंगी। ऐसे में अगला मेगा ऑक्शन 2022 में होगा।

अगर शुरुआती राउंड में 3 में से 2 रिटेन खिलाड़ी विदेशी होते हैं, तो फ्रेंचाइजी राइट टू मैच कार्ड से किसी भी विदेशी खिलाड़ी को स्क्वॉड में शामिल नहीं कर सकती हैं। अगर 3 में से 1 रिटेन खिलाड़ी विदेशी होता है, तो फ्रेंचाइजी राइट टू मैच कार्ड से 1 विदेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल कर सकती हैं।

मिनी ऑक्शन में फ्रैंचाइजी को टीम के बचे खिलाड़ियों को पूरा करने के लिए बोली लगानी होती है। इसमें फ्रैंचाइजी ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती है। रिलीज किए गए खिलाड़ी खुद को IPL गवर्निंग काउंसिल में फिर से रजिस्टर कराते हैं। उसमें शॉर्टलिस्ट किए गए खिलाड़ियों को अलग-अलग कीमत के स्लॉट में रखा जाता है।

फ्रैंचाइजी को एक तय समय के अंदर IPL गवर्निंग काउंसिल को अपने-अपने स्क्वॉड से रिटेन खिलाड़ियों की लिस्ट और निकाले गए खिलाड़ियों की लिस्ट देनी पड़ती है। निकाले गए खिलाड़ियों की सैलरी कैप से आए रुपए और IPL द्वारा जोड़े गए पैसों को मिलाकर फ्रैंचाइजी नए खिलाड़ियों को खरीदती है। फ्रेंचाइजी को स्क्वॉड की फुल स्ट्रेंथ (देशी-विदेशी प्लेयर) को ध्यान में रखते हुए प्लेयर्स खरीदने होते हैं। इसके अलावा टीमों के पास ट्रांसफर विंडो (ट्रेड विंडो) का भी ऑप्शन होता है। इसके तहत खिलाड़ी दोनों टीमों की आपसी रजामंदी से फ्रैंचाइजी बदल सकते हैं। इसमें अनकैप्ड के साथ-साथ कैप्ड प्लेयर्स को भी टीमें ट्रेड कर सकती हैं। सभी फ्रैंचाइजी अपनी टीम में अधिकतम 25 और कम से कम 18 खिलाड़ी रख सकती हैं। किसी भी टीम में ज्यादा से ज्यादा 8 विदेशी खिलाड़ी हो सकते हैं। मौजूदा हालात में रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर के पास सबसे कम 14 खिलाड़ी और सनराइजर्स हैदराबाद के पास सबसे ज्यादा 22 खिलाड़ी हैं। इसका मतलब है कि नीलामी में RCB को कम से कम 4 खिलाड़ी खरीदने होंगे। वहीं, SRH ज्यादा से ज्यादा 3 खिलाड़ी खरीद सकता है।

कैसे होता है राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल
राइट टू मैच कार्ड के जरिए फ्रैंचाइजी अपने पुराने खिलाड़ी को नीलामी में वापस पा सकती है। इसके लिए उन्हें नीलामी में खिलाड़ी पर लगी सर्वाधिक बोली के बराबर की कीमत चुकानी होती है। मान लीजिए राजस्थान रॉयल्स ने स्टीव स्मिथ को इस सीजन में रिटेन नहीं किया। नीलामी के दौरान अगर किसी फ्रैंचाइजी ने उन पर सबसे बड़ी बोली लगाई तो राजस्थान RTM कार्ड का इस्तेमाल कर उन्हें अपनी टीम में वापस ले सकती है। इसके जरिए फ्रैंचाइजी ज्यादा से ज्यादा 5 खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती है।

यह है फ्रैंचाइजीस का बजट
IPL के इस सीजन में फ्रैंचाइजी का सैलरी पर्स (बजट) पिछले सीजन की तरह 85 करोड़ ही है। कोरोना के कारण इस बार सैलरी बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। साल 2019 में यह 80 करोड़ और 2018 में 66 करोड़ रुपए था। इस बार पंजाब के पास खिलाड़ियों को खरीदने के लिए सबसे ज्यादा 53.20 करोड़ रुपए हैं। नियमों के तहत टीम का न्यूनतम खर्च 60 करोड़ होना चाहिए यानी सैलरी कैप वैल्यू का 75 फीसदी।

दो बार होगा फ्रैंचाइजीस मेंबर्स का कोरोना टेस्ट
नीलामी से पहले दो बार कोरोना टेस्ट (RT-PCR) कराना होगा। पहला टेस्ट ऑक्शन से 72 घंटे पहले और दूसरा टेस्ट चेन्नई के ग्रैंड चोला होटल पहुंचने के बाद कराना है। दोनों ही टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव रहने के बाद ही मेंबर्स को वेन्यू में एंट्री मिलेगी। एक फ्रैंचाइजी से 13 मेंबर ऑक्शन में मौजूद रह सकेंगे। इनमें से 8 ऑक्शन टेबल पर और 5 मेंबर्स कौ गैलरी में बैठाया जाएगा।