5 दिन के स्वीडन और ब्रिटेन दौरे पर PM नरेंद्र मोदी, 1988 के बाद स्‍वीडन जाने वाले पहले प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी सोमवार को 5 दिन के विदेश दौरे पर रवाना होंगे. अपने इस दौरे में वो स्वीडन और ब्रिटेन जाएंगे. मंगलवार को लंदन पहुंचने पर प्रधानमंत्री कॉमनवेल्थ देशों के सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.

यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम पहुंचेंगे. मोदी पिछले तीन दशकों में स्वीडन का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे. यहां वो स्वीडिश प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन से बैठक करेंगे, साथ ही वो भारत नोर्डिक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस सम्मेलन का सह-आयोजन भारत और स्वीडन ने किया है. नोर्डिक सम्मेलन में फिनलैंड, नार्वे, डेनमार्क और आइसलैंड के प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे, पीएम मोदी के लिए यह दौरा इसलिए भी अहम है क्‍योंकि 1988 के बाद वह स्‍वीडन जाने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं. इस शिखर सम्‍मेलन के दौरान द्विपक्षीय व्‍यापार, निवेश के अलावा नवाचार और नवीकरणीय ऊर्जा पर बातचीत होने की उम्‍मीद है.


स्वीडन से 18 अप्रैल को पीएम मोदी ब्रिटेन जाएंगे. लंदन में वो ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. मोदी ने कहा, ‘लंदन की मेरी यात्रा दोनों देशों को इस बढ़ती द्विपक्षीय साझेदारी में एक नई गति पैदा करने का एक मौका प्रदान करती है. मैं स्वास्थ्य, नवोन्मेष, डिजिटलीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्वच्छ ऊर्जा और साइबर सुरक्षा के क्षेत्रों में भारत ब्रिटेन साझेदारी बढ़ाने पर बल दूंगा.’

मोदी लंदन में कॉमनवेल्थ देशों के राष्ट्रध्यक्षों के दो दिन के सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे. इसमें 53 सदस्य देश राष्ट्र अवसरों और चुनौतियों, लोकतंत्र और शांति तथा समृद्धि को आगे बढ़ाने के बारे में साझा रुख तय करेंगे. यह शिखर सम्मेलन पहली बार विंडसर कैसल में होगा.

पीएम मोदी स्वदेश वापसी के दौरान 20 अप्रैल को जर्मनी के बर्लिन में भी कुछ समय के लिए रूकेंगे. जर्मनी की चांसलर एंजला मर्केल के मुलाकात के आग्रह पर प्रधानमंत्री ने यहां ठहरने का फैसला किया है.

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