11.5 हजार फुट की ऊंचाई पर दिल्ली से लद्दाख़ की पहाड़ियों के लिए सीधा रास्ता, जोजिला टनल

नई दिल्ली 28 मई:- सर्दियों में बर्फबारी के चलते लेह-लद्दाख से हिंदुस्तान का रास्ता साल में 6 महीनों के लिए पूरी तरह कट जाता है। मगर इस दूरी को पाटने के लिये भारत सरकार का प्लान पूरा हो चुका है। समुद्र तल से 11.5 हजार फुट की ऊंचाई पर सुरंग बनाकर इस हिस्से को दिल्ली से सीधे कनेक्ट करने की भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना पर इसी साल के आखिर तक काम शुरु होने की उम्मीद है।

सीधे सड़क के रास्तों से दिल्ली से जुड़ेगा लद्दाख और लेह
14.14 किलोमीटर लंबाई वाली जोजिला टनल के लिए को अब बस लॉक डाउन खुलने का इंतजार है। इतनी ऊंचाई पर टनल के बाद लद्दाख और लेह को देश के बचे हुए हिस्से से जोड़ा जा सकेगा।

अभी तक ये हिस्सा साल में 6 महीने के लिए कनेक्ट किया जा सकेगा। इस टनल को दो लेन बाइ डाटरेक्शनल सिंगल ट्यूब से बनाया जाएगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों ने दावा किया कि लॉक डाउन के खत्म होते ही इस परियोजना पर जोर-शोर से काम शुरु कर दिया जाएगा।

हाइटेक तकनालॉजी औऱ एडवांस सुविधाओं से लैस होगी 14 किलोमीटर की टनल
इस सड़क को हर तरह की सुविधाओं से लैस रखा जाएगा। इसमें एडवांस कट एंड क्रॉस वेंटिलेशन सिस्टम, नो कट इलेक्ट्रिसिटी, सीसीटीवी निगरानी और थोड़-थोड़ी दूरी पर फोन की सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए फिलहाल तक 6808 करोड़ के बजट का अनुमान लगाया जा रहा है। गौरतलब है कि इस टनल की तैयारी 2013 से ही की जा रही है। मगर 11578 फुट की ऊंचाई पर बनने वाली जोजीला सुरंग के ऑफर को लेने के लिए अभी तक कोई टेंडर ही सामने नहीं आ रहा है।

दो सालों से सरकार को किसी ‘ठेकेदार’ की तलाश
2018 में ही टेंडर जारी कर दिए गए थे, मगर किसी भी इस बेहद मुश्किल परियोजना में हाथ डालने की हिम्मत नहीं दिखाई। लिहाजा अब टनल के डिजाइन को काफी बदलाव के साथ पेश किया गया है। नए डिजाइन के बाद इस टनल के निर्माण की कॉस्ट में भी काफी कमीं आने की उम्मीद है। लिहाजा इसी साल के आखिर तक इसका निर्माण कार्य शुरु होने पर सरकार जोर दे रही है। इसके बाद इस सड़क का सामरिक इस्तेमाल के लिए भी काफी अहम इस्तेमाल होने की उम्मीद है।