रायगढ़/ ख्वाजा साहब पर आपत्तिजनक टिप्पणी से मुस्लिम समाज आहत..अमीश देवगन एंकर पर कड़ी कार्यवाही की मांग..!

रायगढ़ 17 जून। भारत एक बहुधर्मी, बहुल विविधता का देश है. अलग अलग संस्कृति अलग-अलग धर्म होने के बावजूद अनेकता में एकता इसकी खूबसूरती और प्रतीक है. भारत की गंगा जमुना तहजीब विश्व में बेमिसाल है. देश की इस गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत कुछ लोगों को पच नहीं रही है और इस साझी संस्कृति साझी विरासत को खंडित करने का प्रयास किया जा रहा है। देश के कुछ मीडिया संस्थानों के टीवी एंकरो द्वारा धार्मिक उन्माद फैलाने के उद्देश्य से एक संप्रदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने,संप्रदाय विशेष के खिलाफ उन्माद फैलाने का प्रयास किया जाता रहा है जबकि हमारे देश का संविधान किसी भी समुदाय के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की इजाजत नहीं देता। हमारा देश का कानून किसी भी व्यक्ति को यह अनुमति नहीं देता है कि वह किसी भी समूह विशेष, संप्रदाय विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कार्य करें. लेकिन कुछ एंकरो के द्वारा ऐसा कृत्य किया जाता रहा है।

विरोध होने पर एंकरो द्वारा माफी मांग ली जाती रही है ,खेद व्यक्त किया जाता रहा है तब तक संप्रदाय विशेष के खिलाफ जो नफरत का बयार बहना होता है वह बह चुका होता है। इस उद्देश्य पूर्ण कृत्यों पर रायगढ़ मुस्लिम समाज गहरी चिंता व्यक्त करता है. आज देश वैश्विक महामारी को कोविड-19 से जूझ रहा है वहीं पड़ोसी देश अपनी नापाक हरकतों से सीमा पर तनाव पैदा कर रहे हैं। इन सब परिस्थितियों के बीच इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का एक संस्थान न्यूज़ 18 का एंकर अमीश देवगन भारत के प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलेह के बारे में अपने टीवी शो के प्राइम टाइम में आपत्तिजनक टिप्पणी करता है। यह कृत्य हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सहित करोड़ों भारतीयों के साथ-साथ भारत से बाहर रहने वाले करोड़ों विदेशियों जिनकी आस्था हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (अजमेर शरीफ) मैं है उन सबके लिए आहत करने वाली है।

इस देश का संविधान तथा भारत की दंड संहिता किसी भी व्यक्ति को उसके आस्था पर चोट पहुंचाने की इजाजत नहीं देता है. हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह देश के कौमी एकता का प्रतीक है. इस दरगाह में देश-विदेश से हर धर्म, हर संप्रदाय के लोग प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में हाजिरी देने आते हैं यही ही नहीं भारत के प्रधानमंत्री की ओर से भी प्रतिवर्ष दरगाह शरीफ में चादर पोशी की जाती है और मुल्क के अमन चैन, खुशहाली के लिए दुआ की जाती है। ऐसी विश्वव्यापी शख्सियत जिसने अपनी जिंदगी में सिर्फ इंसानियत का ही पैगाम दिया।

राजा से रंक तक उनकी नजरों में एक रहे ,जिन्होंने धर्म के आधार पर नहीं इंसानियत के आधार पर हर धर्मावलंबियों की मन्नत को पूरा किया है। ऐसी शख्सियत पर आपत्तिजनक टिप्पणी इंसानियत पर विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को नामंजूर है। देश विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है. ऐसी परिस्थिति में संप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश राजद्रोह की श्रेणी में आता है, मुस्लिम समाज कड़े शब्दों में इसकी भर्त्सना करता है।

टीवी एंकर अमीश देवगन के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग को लेकर दिनांक 18.6.20 को मुस्लिम समाज का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम श्रवण कुमार टंडन डिप्टी कलेक्टर रायगढ़ को ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल में शेख कलीमुल्लाह वारसी सदर मस्जिद गरीब नवाज कमेटी, मोहम्मद मोबीन नायब सदर जामा मस्जिद ट्रस्ट कमेटी, वसीम खान सदर मक्का मस्जिद ट्रस्ट कमेटी ( रजा मस्जिद) , मोहम्मद अशरफउद्दीन चिश्ती सदर मदरसा गौसिया कादरिया, गुलाब खान सदर मदरसा गौसुल वरा, हाजी मुदस्सिर हुसैन नायब सदर, हाजी गुलाम रसूल खान खजांची, कलीम बक्स सेक्रेटरी मस्जिद गरीब नवाज कमेटी, अब्दुल रहीम सदर छोटी मस्जिद ट्रस्ट कमेटी( नूरी मस्जिद ) जमीर अहमद सदर मदरसा आलिया वार्सिया एवं हमीद भाई मदीना मस्जिद कमेटी शामिल थे. कमेटियों के पदाधिकारियों ने कहा कि न्यूज़ 18 के एंकर अमीश देवगन की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलेह पर टिप्पणी घोर आपत्तिजनक एवं अक्षम्य है हम इसकी कड़ी शब्दों में भर्त्सना करते हैं।

हमारी मांग है कि एंकर अमीश देवगन पर ऐसी कार्रवाई संस्थित की जाए जो अमीश देवगन के साथ-साथ उन नफरत जीवोयो के लिए भी मिसाल हो जो देश की संप्रदायिक सौहार्द को ध्वस्त करने की कोशिश कर रहे हैं । कार्यवाही ऐसी हो कि भविष्य में कोई भी एंकर देश की आपसी सौहार्द को बिगाड़ने का दुस्साहस नहीं कर सके.।कमेटी के पदाधिकारियों को उम्मीद है की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री द्वारा ज्ञापन पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।