बिलासपुर में बेहद कम समय में तैयार हुआ कोरोना अस्पताल

  • गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर में तैयार किया गया संभागीय कोविड अस्पताल
  • मापदंडों का पालन करते हुए हो रहा है कोरोना मरीजों का ईलाज


अभिषेक पाण्डेय,बिलासपुर 18 मई। बिलासपुर में पांच कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती होने के बाद रविवार को कोरोना हॉस्पिटल पूरी तरह तैयार हो गया है। यहां आइसोलेशन वार्ड व वेंटिलेटर समेत सभी जरूरी संसाधन की व्यवस्था की गई है। साथ ही 60 डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वाय व सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। अस्पताल में हर दिन छह-छह घंटे के शिफ्ट में 15-15 स्टाफ तैनात रहेगा। जिला अस्पताल में बनाया गया इस कोरोना अस्पताल के पहले तल में चार जनरल वार्ड के साथ 10 सिंगल रूम हैं। मौजूदा स्थिति में संक्रमित महिला को एक सिंगल रूम में रखा गया है। अन्य चार पीड़ितों को जनरल आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। इस अस्पताल में चार वेंटिलेटर के साथ अत्याधुनिक उपकरण भी लगाए गए हैं। नए आइसीयू बेड, मल्टी पैरा मॉनिटर, सीसीटीवी, पेशेंट एडेंशल सिस्टम, डॉनिंग एवं डॉफिंग जोन गाइडलाइन के अनुसार तैयार किया गया है।

वार्डों में हर सुविधा

वर्तमान में भर्ती मरीजों को स्वच्छ एवं आरामदायक वार्डों में रखा गया है, जहां उन्हें नियमित से उनके प्रतिदिन के दिन चर्या अनुसार चाय, नाश्ता, भोजन प्रदान किया जा रहा है। उनके मनोरंजन हेतु वार्डों में टी.व्ही. भी उपलब्ध है। मरीजों को दैनिक उपयोगी की चीजें जैसे ब्रश, टूथपेस्ट, साबुन, चप्पल, पहनने के कपड़े इत्यादि अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रदाय किये गए हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा एक मोबाईल फोन भी रखा गया है जिससे मरीजों के घरवालों से बात कराई जा रही है।

सभी मरीजों की हालत सामान्य

सिविल सर्जन डॉ. मधुलिका सिंह ने बताया कि 15 मई को पहुंचे पांचों कोरोना संक्रमित मरीज का उपचार चल रहा है। उनकी हालत सामान्य है। इनके उपचार के लिए गाइडलाइन के अनुसार एक दिन में छह-छह घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जा रही है। इसमें डॉक्टर, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय और सफाई कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा दो विशेषज्ञ डॉक्टर ऑन कॉल उपलब्ध रहेंगे।

अस्पताल में भी रहेगा स्टाफ

कोरोना हॉस्पिटल में तैनात किए गए स्टाफ 10 दिन तक अस्पताल में ही रहना है। वे छह घंटे की ड्यूटी करने के बाद 18 घंटे आराम करेंगे। 10 दिन का ड्यूटी रोस्टर खत्म करने के बाद इन्हें होटल में 14 दिन के लिए आइसोलेट किया जाएगा। यहां छः-छः घंटे की चार शिफ्ट में टीम द्वारा ड्यूटी की जा रही है, जिसमें कुल 15 स्वास्थ्यकर्मी (चिकित्सक, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय तथा सफाईकर्मी शामिल) हैं।

इसके अतिरिक्त 2 विशेषज्ञ चिकित्सक ऑन कॉल हैं तथा इन सभी स्टाफ के रहने तथा भोजन हेतु प्रशासन द्वारा सर्व-सुविधायुक्त व्यवस्था की गई है। ये सभी कर्मचारी स्टराईल जोन से पीपीई पहनने के उपरांत ही वार्ड में प्रवेश करते हैं तथा ड्यूटी स्टेशन में लगे हुए सीसीटीवी इत्यादि की मदद से मरीजों की लगातार निगरानी रखते हुए उनका इलाज कर रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल विशेषज्ञ भी सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल में आवश्यक दवाएं तथा अन्य कन्स्यूमेबल्स पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

पीपीई किट पहनना अनिवार्य

कोविड अस्पताल स्पष्ट रूप से स्टराइल एवं नान स्टराइल जोन में विभाजित है। वार्ड के अंदर नान-स्टराइल जोन में प्रवेश करने के पूर्व प्रत्येक कर्मी पीपीई अनिवार्य रूप से पहनते हैं। भोजन पहुंचाने हेतु कैंटीन का कर्मचारी स्टराईल जाने में निर्धारित स्थल पर मरीजों को भोजन, नाश्ता के पैकेट रखने हेतु प्रवेश करते हैं। इसके लिये सामान्य किसी भी प्रकार के पीपीई पहनने की आवश्यकता नहीं है, किंतु अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा की दृष्टि से कैंटीन के कर्मियों को डिलीवरी किट के साथ भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। डिलीवरी किट भी एड्स, हेपेटाईटिस जैसे वायरस से बचाने के लिये सुरक्षा उपकरण है तथा इसे मात्र 10 मिनट के लिये पहन कर वह व्यक्ति अंदर जाते है और बाहर निकल आते हैं।

शासन के उच्च अधिकारियों तथा जिला प्रशासन, सिम्स, अस्पताल प्रबंधन व अस्पताल में कार्यरत समस्त कर्मचारियों के सहयोग से कोरोना मरीजों का उपचार किया जा रहा है।