चरम पर तनाव: सी जिनपिंग की गीदड़ भभकी, युद्ध की तैयारी के आदेश, भारत ने भी आक्रामक अंदाज में बढ़ाए कदम।

नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का घड़ियाली चेहरा सामने आ गया है। शी जिनपिंग ने सेंट्रल कमीशन की बैठक में शी जिनपिंग ने सेना को युद्ध के लिए तैयार करने के निर्देश दे दिये हैं। इसी के साथ लद्दाख में विवादित क्षेत्र के नजदीक एयरबेस पर एसयू 27 जेट फाइटर तैनात कर दिये हैं। शी जिनपिंग ने लद्दाख में अतिरिक्त सेना और भारी तोपखाना और टैंकों के साथ सेना को किसी भी समय कूच के लिए तैयार रहने के आदेश दिए हैं।

शी जिनपिंग के तेवरों को देखते हुए दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी ने एनएसए अजित डोभाल, सीडीएस बिपिन चंद रावत और तीनों सेनाओं के सेनाध्यक्षों के साथ बैठक की। ऐसा समझा जाता है कि भारत ने चीन को उसी की भाषा में जवाब देने का फैसला किया है।

सीमा पर सभी सामरिक महत्व की सभी परियोजनाओं को जारी रखने के साथ ही सेना को फारवर्ड मार्च का फैसला किया है। सीमा पर चीन को जवाब देने के लिए पर्याप्त संख्या में जवान और अस्त्र-शस्त्र तैनात करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा सिक्किम से लेकर लद्दाख तक की सीमा पर विशेष निगरानी रखने और नेपाल की ओर से हो रहे निर्माण कार्यों पर निगाह रखने को कहा गया है।इसके अलावा पाकिस्तान लगी सीमाओं पर अतिरिक्त सतर्कता के साथ संवेदनशील स्थानों पर सेना को सन्नद्ध रहने को कह दिया गया है। यह भी बताया गया है कि चीन और पाकिस्तान से लगने वाली सीमाओं पर गतिविधियों और दूसरी ओर से किसी भी हरकत का जवाब देने तथा तीनों सेनाओं में परस्पर समन्वय का दायित्व पूरी तरह के सीडीएस जनरल रावत को दे दिया गया है।

उधर, चीन ने न केवल अपने सैनिकों को बड़ी संख्या में सीमा के पास तैनात कर दिया है बल्कि ऊचाईं वाले इलाके में उड़ान भरने के अनुकूल लड़ाकू विमान जे-11 और जे 16एस को भी ऑपरेट करना शुरू कर दिया है। सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने नंग्यारी गुनसा एयरबेस पर लड़ाकू विमानों के परिचालन को तेज कर दिया है। इतना ही नहीं, हाल के दिनों में यहां कई ट्रांसपोर्ट विमानों की लैंडिंग भी हुई है। माना जा रहा है कि भारत से लगी सीमा पर अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए चीन आवश्यक सैन्य साजोसामान को पहुंचा रहा है।

लद्दाख के नजदीक इस चीनी एयरबेस को बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। चीनी एयरफोर्स नंग्यारी गुनसा एयरबेस पर एक और रनवे का निर्माण कर रही है। इस रनवे पर भारी ट्रांसपोर्ट जहाजों तो उतारा जा सकता है।

चीन का शेययांग जे 11 रूस की सुखोई एसयू 27 का चीनी वर्जन है। यह फाइटर प्लेन एयर सुपीरियर होने के साथ दूर तक हमला करने में सक्षम है। इसमें दो इंजन लगे होते हैं जिससे जेट को ज्यादा पॉवर मिलती है। चीन में निर्मित इस विमान को केवल चीनी एयर फोर्स ही ऑपरेट करती है। यह जेट 33000 किलोग्राम तक के वजन के साथ उड़ान भर सकता है। यह विमान एक बार में 1500 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सेनाध्यक्षों के साथ इन सब परिस्थितियों का विश्लेषण करने के बाद आगे बढ़ने का फैसला किया है।