ऑरेंज जोन क्या है ? इस जोन के लिए केंद्र सरकार के क्या निर्देश हैं पढ़िए

केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन पूरे देश को तीन जोन में बांटा गया है। यहां हम आपको केवल औरेंज जोन के विषय में बता रहे हैं..

ऑरेंज जोन को समझिए

वे जिले, जो न ही ग्रीन जोन में हैं और न ही रेड जोन में वे स्वतः ही ऑरेंज जोन में होंगे। यह किसी भी राज्य में सबसे अधिक है। ऑरेंज जोन वालों जिलों में आखिरी के 21 दिन में कोरोना वायरस के एक भी केस नहीं देखे गए हैं, तो उस जिले को ग्रीन जोन में गिना जाएगा।

स्थानीय प्रशासन बना सकेगा कन्टेनमेंट क्षेत्र

कन्टेनमेंट क्षेत्र वो जगह है जहां कोरोना वायरस के एक्टिव केस पाए गए हैं ।

ऑरेंज जोन में कन्टेनमेंट क्षेत्र बनाए जाएंगे। यह प्रदेश और जिला प्रशासन के मुताबिक होगा। कन्टेनमेंट क्षेत्र की चौहद्दी जिला प्रशासन तय कर सकेगा। कन्टेनमेंट क्षेत्र की चौहद्दी शहरी क्षेत्रों में मोहल्ला, म्युनिसिपल वॉर्ड, म्युनिसिपल जोन, पुलिस स्टेशन क्षेत्र, शहर आदि।कई गांवों का समूह, सिर्फ एक गांव, ग्राम पंचायत, एक से अधिक पुलिस स्टेशन और एक से अधिक ब्लॉक हो सकते हैं।

कन्टेनमेंट क्षेत्र में रहने वाले लोगों को आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा

कन्टेनमेंट क्षेत्र में क्या होगा ?


  • उस क्षेत्र को सख्त तरीके से कंट्रोल किया जाएगा।
  • एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे।
  • यूं ही न कोई इंसान और न ही कोई गाड़ी आ-जा सकेगी।
  • मेडिकल इमरजेंसी और एसेंशियल सर्विस के अलावा बाहर निकलने की मनाही होगी।
  • जो कोई भी कन्टेनमेंट क्षेत्र से बाहर जाएगा या उस कन्टेनमेंट क्षेत्र में आएगा, उसका रिकॉर्ड रखा जाएगा।
  • जिला कलेक्टर मौके की नजाकत को समझते हुए हर निर्णय लेने के लिए सक्षम है और सुरक्षा के नजरिये से कई कड़े निर्णय ले सकता है।

ऑरेंज जोन में क्या-क्या खुला रहेगा?

  • किसी भी तरह की घरेलू या इंटरनैशनल हवाई यात्रा नहीं की जा सकेगी। मेडिकल इमरजेंसी या सुरक्षा सम्बंधी के केस में गृह मंत्रालय के आदेश के बाद ही हवाई यात्रा की जा सकेगी।
  •  ट्रेन से किसी भी तरह की कोई यात्रा नहीं. लेकिन यहां भी सुरक्षा कारणों, मेडिकल इमरजेंसी और गृह मंत्रालय के आदेश अपवाद होंगे।
  • ऑरेंज जोन में बसें नहीं चलेंगी। जिले या राज्य से बाहर नहीं जा सकेंगे,इमरजेंसी मामले में छोड़कर
  • कैब की अनुमति होगी। कैब में ड्राइवर के साथ एक ही पैसेंजर हो सकता है।
  • लोग अपनी पर्सनल गाड़ियों का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उसमें दो ही लोग बैठ सकते हैं।
  • इंडस्ट्रियल ऐक्टिविटीज शुरू होंगी और कॉम्प्लेक्स भी खुलेंगे डिपेंड करता है जिला प्रशासन के ऊपर।
  • सारे स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर बंद रहेंगे।
  • लॉक डाउन के नियमों को कड़ाई से पालन कराया जा सकता है ।

खास बात- सभी दवा की दुकानें खुली रहेंगी. दौरान इनको सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा. कंटेनमेंट जोन में दवा की दुकानें भी बंद रहेंगी।