अनलॉक भारत/ 8 जून से खुलेंगे देश में होटल..मॉल..रेस्तरा व धार्मिक स्थल.. पढ़े क्या हैं नियम..!

दिल्ली 05 जून। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को देश के कंटेनमेंट जोन में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 30 जून तक बढ़ाने की घोषणा की साथ ही दफ्तरों, होटल और रेस्तरां, धार्मिक स्थलों, शॉपिंग मॉल आदि में कामकाज शुरू करने के लिए नए सिरे से दिशानिर्देश (एसओपी) जारी किए। रेस्तरां, धार्मिक स्थल, शॉपिंग मॉल आदि 8 जून से खोले जा सकेंगे। कंटेनमेंट जोन में पड़ने वाले सभी ऑफिस बंद रहेंगे, सिवाय चिकित्सा और जरूरी सेवाओं के। कंटेनमेंट जोन से बाहर के दफ्तरों को ही खोलने की इजाजत होगी।

ऑफिस के लिए नियम:

  • ऑफिस के एंट्री गेट पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर का होना जरूरी है. यहीं पर थर्मल स्क्रीनिंग भी सुविधा होनी चाहिए।
  • केवल उन्हीं लोगों को ऑफिस आने की अनुमति दी जाए, जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण न दिखाई दें.
  • कंटेनमेंट जोन में रहने वाले स्टाफ को अपने सुपरवाइजर को इस बात की जानकारी देनी होगी. उसे तब तक ऑफिस आने की इजाजत न दी जाए, जब तक कंटेनमेंट जोन को डिनोटिफाई न कर दिया जाए।
  • ड्राइवरों को सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना के संबंध में जारी नियमों का पालन करना होगा. दफ्तर के अधिकारी, ट्रांसपोर्ट सेवा देने वाले यह निश्चित करेंगे कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले ड्राइवर गाड़ियां न चलाएं।

मॉल के लिए नियम:

  • कोरोना के बचाव के साथ-साथ खरीदारी को भी सुरक्षित कैसे बनाया जाए, इसके लिये बाकायदा एक SOP तैयार किया गया है जिसके तहत हर ग्राहक और दुकानदार के लिए आरोग्य सेतु ऐप (Aarogya Setu App) होना जरूरी है।
  • मॉल्स में एंट्री पर मास्क, सैनिटाइजेशनऔर थर्मल स्क्रीनिंग को भी अनिवर्या किया गया है।
  • एस्क्लेटर्स पर एक वक़्त पर 3 से ज़्यादा लोग नहीं होंगे और 2 लोगों के बीच 3 सीढ़ियों के अंतर होगा।
  • मेकअप से जुड़े प्रोडक्ट्स, जूते और परफ्यूम जैसी चीज़ों के ट्रायल पर पूरी तरह पाबंदी होगी।
  • शोरूम के अंदर ग्राहकों की संख्या एक समय पर 5 से ज़्यादा नही होगी।
  • इसके अलावा मॉल परिसर, वाशरूम, फूड कोर्ट जैसी जगह की साफ-सफाई पर खास ध्यान दिया जाएगा।
  • मॉल मालिकों का कहना है कि पहले दिन से ही कस्टमर को ये भरोसा दिलाना चाहते हैं कि मॉल्स में खरीदारी करना पूरी तरह सेफ है. इनफिनिटी मॉल के सीईओ मुकेश कुमार ने कहा, हमारी कोशिश यही है कि कस्टम खुद को सुरक्षित महसूस करें, गाइडलाइन्स के तहत हर कदम उठाया जा रहा है. पोस्टर्स का भी सहारा लेंगे ताकि ग्राहकों को भी पता रहे कि उसे क्या करना ज़रूरी है और क्या नहीं?

धार्मिक स्थलों के लिए नियम:

  • एंट्री गेट पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर का होना जरूरी है, यहीं पर थर्मल स्क्रीनिंग भी सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
  • मास्क पहनकर आने वालों को ही एंट्री दी जाएगी.
  • पोस्टर के जरिए लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया जाए और ऑडियो-वीडियो मैसेज चलाए जाएं।
  • लोग अपने जूते-चप्पल अपनी गाड़ी में ही रखकर आएं, अगर जरूरी हो तो अलग स्लॉट में रखा जाए।
  • पार्किंग और मंदिर के परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो।
  • आसपास की दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना जरूरी है।

होटल के लिए नियम:

  • एंट्रेंस गेट पर सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग होना जरूरी होगा.
  • सिर्फ बिना लक्षण वाले ही स्टाफ और गेस्ट को होटल में आने की इजाजत होगी. इस दौरान सभी को फेस मास्क लगाना जरूरी होगा।
  • स्टाफ और गेस्ट जब तक होटल में रहेंगे तब तक उन्हें मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
  • सोशल डिस्टेनसिंग को सुनिश्चित करने के लिए होटल प्रबंधन द्वारा पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
  • कर्मचारियों को ग्लव्स पहनकर रहना होगा और अन्य आवश्यक एहतियाती उपाय करने होंगे।
  • सभी कर्मचारी खासतौर से वरिष्ठ कर्मचारी, गर्भवती कर्मचारी को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी. कोशिश होनी चाहिए ऐसे कर्मचारी सीधे लोगों के संपर्क में नहीं आएं।
  • जहां भी संभव हो, होटल प्रबंधन घर से काम की सुविधा पर जोर दे।
  • होटल में उचित भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ बाहरी परिसर जैसे कि पार्किंग स्थल में सोशल डिस्टेनसिंग मानदंडों का विधिवत पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
  • ज्यादा लोगों के एकत्रति होने पर पाबंदी बनी हुई है।
  • यदि उपलब्ध हो तो वैलेट पार्किंग, कर्मचारियों के उपयुक्त कवर / मास्क और दस्ताने पहनने के साथ चालू होगी।
  • वाहनों के स्टीयरिंग, दरवाजे के हैंडल, चाबियों आदि का सैनिटाइजेशन किया जाना चाहिए।
  • मेहमानों, कर्मचारियों और सामानों के लिए अलग से एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • होटल में एंट्री के लिए लगनी वाली कतार में लोगों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी होनी चाहिए।
  • लिफ्ट में लोगों की संख्या सीमित होनी चाहिए। जिससे सोशल डिस्टेनसिंग का पालन किया जा सके।
  • गेस्ट की जानकारी (ट्रैवल हिस्ट्री, मेडिकल स्टेटस) के साथ-साथ आईडी और स्वयं घोषणा पत्र को रिसेप्शन में अतिथि द्वारा प्रदान किया जाना चाहिए।
  • फॉर्म भरने के बाद गेस्ट को अपने हाथों को सैनिटाइज करना होगा।
  • चेक इन और चेक आउट के लिए होटलों के क्यूआर कोड, ऑनलाइन फॉर्म, डिजिटिल पेमेंट अपनाना होगा।
  • गेस्ट के सामान को कमरों में भेजने से पहले उसको सैनिटाइज करना होगा
  • गर्भवती और अधिक उम्र के गेस्ट को ज्यादा सावधानी भरतनी होगी।
  • कंटेनमेंट जोन से आने वाले गेस्ट को नहीं रुकने की सलाह देनी होगी।

रेस्टोरेंट के जारी नियम:

  • रेस्टोरेंट में लोगों के बैठने की ऐसे व्यवस्था होनी चाहिए जिससे कि सोशल डिस्टेनसिंग का पालन हो सके।
  • डिस्पोजेबल मेनू का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।
  • क्लॉथ नैपकिन के बजाय अच्छी गुणवत्ता वाले डिस्पोजेबल पेपर नैपकिन के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.ल।
  • जितना हो सके डिजिटल पैमेंट का इस्तेमाल करें.
  • बफैट सर्विस के दौरान सोशल डिस्टेनसिंग का पालन होना चाहिए।
  • रोस्टरेंट में बैठकर खाने के बजाय टेकअवे पर जोर देना चाहिए।
  • होम डिलिवरी से पहले होटल अधिकारियों द्वारा कर्मचारी की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी.
  • किचन में स्टाफ को सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करना होगा।
  • नियमित अंतराल पर किचन को सैनिटाइज करना होगा।

और क्या है नियम:

  • 65 साल से ज्यादा और 10 साल से कम उम्र के लोगों के लिए इन जगहों पर जाने पर मनाही है।
  • इन जगहों पर कम से कम 6 फीट की शारीरिक दूरी रखना पड़ेगा।
  • साबुन से चालीस सेकंड या सैनेटाइजर्स से कम से कम बीस सेकंड तक हाथ साफ करना ठीक रहेगा।
  • खांसते या छींकते समय मुंह पर कपड़ा रखना जरूरी है।
  • कहीं पर भी थूकने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
  • एस्केलेटर पर एक स्टेप छोड़कर ही एक आदमी खड़ा हो सकता है।
  • मॉल, होटल और धार्मिक स्थलों में जाने वालों को फोन में आरोग्य सेतु ऐप रखना होगा।
  • लोगों की कतार सुनिश्चित करने के लिए घेरे का चिह्न बनाना होगा।