Thu. Jun 20th, 2019

इरफान बनेंगे ददुआ, खूंखार डकैत के एनकाउंटर पर तिग्मांशु ला रहे फिल्म


बॉलीवुड/ डकैत बॉलीवुड के मेकर्स को बतौर टॉपिक भाते रहे हैं। शोले, बैंडिट क्वीन जैसी फिल्में डाकू समस्या पर बनी हैं। अब पान सिंह तोमर बनाने वाले तिग्मांशु धुलिया बुंदेलखंड के ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, जालौन और हमीरपुर समेत सीमावर्ती मप्र के कई इलाकों में कुख्यात रहे डकैत शिवकुमार पटेल उर्फ ददुआ डाकू पर फिल्म बनाने जा रहे हैं।

इरफान बनेंगे ददुआ : सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार तिग्मांशु के जिगरी दोस्त इरफान के इस फिल्म में लीड रोल में दिखने की संभावना है। प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों ने बताया कि इसमें राजनीति के अपराधीकरण और अपराधियों के राजनीतिकरण की रैट रेस को दिखाया जाएगा। प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों ने बताया कि इसमें राजनीति के अपराधीकरण और अपराधियों के राजनीतिकरण की रैट रेस को दिखाया जाएगा। 

कौन निभाएगा किरदार: इरफान लीड रोल में दिख सकते हैं। ददुआ का किरदार निभाने वाले अभिनेता के बारे में तिग्मांशु ने तो कुछ कंफर्म नहीं किया पर इस प्रोजेक्ट से जुड़े उनके करीबियों ने संकेत दिए कि इरफान ही इस रोल में दिखेंगे। वह इलाज करवाकर लौट चुके हैं। वे इन दिनों उदयपुर में ‘अंग्रेजी मीडियम’ की शूटिंग कर रहे हैं। 

राजनीति के अपराधीकरण पर होगी फिल्म : ददुआ का कद वीरप्पन से भी बहुत बड़ा था। पूरा बांदा और चित्रकूट के इलाके में उसका राजनीतिक साम्राज्य था। उसके बेटे विधायक और भाई सांसद रह चुके हैं। फिल्म की कहानी मूल रूप से ददुआ के राजनीतिक इस्तेमाल और यूपी एसटीएफ द्वारा किए गए उसके एनकाउंटर पर बेस्ड होगी। 

कौन था ददुआ : बुंदेलखंड के इलाकों में ददुआ के इशारों पर ही राजनीति चलती थी। जब जिसे चाहा, उसे जितवा दिया जाता था। ददुआ को बीएसपी ने अपने खेमे में शामिल किया था तो फरमान जारी हुआ, ‘मोहर लगाना हाथी पर, वरना गोली चलेगी छाती पर’। इसके बाद वह सपा से भी जुड़ा। जुलाई 2007 में एसटीएफ ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया था। मरने से पहले ददुआ अपने 20-25 साथियों के साथ स्वचालित हथियारों से डेढ़ घंटा पुलिस पर फायरिंग करता रहा था। 

एक और फिल्म की प्लानिंग भी : इसके अलावा तिग्मांशु इरफान को लेकर एक और भी फिल्म की प्लानिंग भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा- मैं और इरफान के एक कॉमन फ्रेंड उनको लेकर एक फिल्म बनाने की सोच रहे हैं। उस फिल्म की किस्मत इस लोकसभा चुनावों के परिणाम की मोहताज है। सरकार किस की आती है। उस पर फाइनली शेप लेगी।