खरसिया / ग्रामीण अंचल में बसंत पंचमी के अवसर पर, मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर किया गया पुजा अर्चना.. ग्राम दर्रामुड़ा में धुमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया बसंत पंचमी..! गाने बाजे के साथ झूमते-गाते मां सरस्वती की प्रतिमा का किया गया विसर्जन..! पढ़ें पुरी खबर..!

खरसिया । मंगलवार 16 फरवरी 2021 को धूमधाम से बसंत पंचमी का त्योहार मनाया गया वहीं पूजा समितियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रतिमा स्थापित कर विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना की गई। खासकर विद्यार्थियों में सरस्वती पूजा को लेकर खास उत्साह देखा गया। जगह-जगह लोगों ने मां शारदे की प्रतिमा स्थापित कर धूमधाम से पूजा अर्चना की गई। बसंत पंचमी को हिंदू पंचांग के अनुसार सबसे शुभ दिन माना गया है। पंचांग के अनुसार चार ऋतु में सबसे श्रेष्ठ रितु बसंत ऋतु को माना गया है।

ग्रामीण अंचल में मां शारदे की प्रतिमा स्थापित कर, श्रध्दा सुमन और हर्षोल्लास के साथ किया गया पुजा अर्चना..!

खरसिया के ग्राम दर्रामुड़ा में बसंत पंचमी के अवसर पर दिनांक 16 फरवरी मंगलवार को ग्राम दर्रामुड़ा के नीचे बस्ती मांड नदी के किनारे मां संमलेश्वरी और भगवान शिव की मंदिर के समीप स्थित मंच में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई वहीं प्रकृति के परिवर्तन का त्यौहार बसंत पंचमी धूमधाम से मनाया गया। दर्रामुड़ा के युवा वर्ग के सभी साथियों ने मां शारदे की पूजा अर्चना की।

ग्राम दर्रामुड़ा मांड नदी के किनारे स्थित मंच में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा अर्चना की गई वहीं पूजा को लेकर पूजा पंडालों में विद्युत सुसज्जा व ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाया गया है। मां सरस्वती की पूजा के समय काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। पुजा अर्चना कर उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

मंगलवार को मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पुजा अर्चना की गई, तो वहीं आज बुधवार को किया गया विर्सजन..!

बुधवार 17 फरवरी की दोपहर ग्राम दर्रामुड़ा में मां सरस्वती की पुजा अर्चना की गई वहीं मां सरस्वती की अंतिम विदाई के लिए हवन किया गया। पुजा अर्चना व हवन के पश्चात् युवा वर्ग के सभी साथियों के द्वारा गाने बाजे के साथ झुमते हुए नाचते हुए मां सरस्वती की विदाई की गई। गांव के हर मोहल्ले में मां सरस्वती की प्रतिमा का भ्रमण गाने बाजे के साथ कराया गया। मां सरस्वती की अंतिम विदाई ग्राम दर्रामुड़ा के तालाब (मुड़ा) के पास गाने बाजे के साथ पहुंची वहां मां सरस्वती की पुजा अर्चना की गई। साथ ही मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन किया गया वहीं प्रसाद वितरण भी किया गया।