रायगढ़/ डीएम भीम सिंह के प्रयासों व संघर्षों से जिलेवासियों को मिली आक्सीजनयुक्त बैड की संजीवनी फ्लोमीटर यंत्र ! डीएम के अलावा कोई और नहीं कर सकता था ये काम ! जानें कलेक्टर के प्रयासों की कहानी.. देखें वीडियो.. पढ़े खबर..!

रायगढ़, 01 मई। रायगढ़ जिले में कोविड मरीजों के इलाज के जरूरी आक्सीजन बेड की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। डीएम भीम सिंह खुद ऑक्सीजन युक्त 1000 बैड के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहें हैं। जिले में अभी 550 ऑक्सीजन बेड पाईप लाईन की सुविधा तथा 150 बेड सिलेण्डर की सहायता से शुरू कर लिया गया है। केआईटी 150 बेड तथा मंगल भवन सारंगढ़ में 50 बिस्तर और तैयार लिये गये है। जिनमें से सिलेण्डर के माध्यम से मरीजों को ऑक्सीजन सुविधा दी जायेगी। इन अस्पतालों में बेड लगाना, सिलेण्डर की व्यवस्था जैसे तमाम कार्य कर लिये गये हैं। अब ऑक्सीजन की सही मात्रा मरीजों को देने के लिए फ्लोमीटर की जरूरत है।

उसके लिए देश के कई डीलरों से सम्पर्क किया है लेकिन उनके द्वारा भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। फिर भी डीएम भीम सिंह इसकी कमी को पूरा करने के लिए लगातार जरूरी प्रयास कर रहें हैं। जिंदल स्टील ने भी फ्लोमीटर देने की बात पर हां करके मना कर दिया था लेकिन डीएम भीम सिंह की सक्रियता व संघर्ष के कारण रायगढ़ के अस्पतालों के लिए फ्लोमीटर की व्यवस्था कर ली गयी गयी है।

देश में फ्लोमीटर मीटर की है भारी कमी लेकिन डीएम भीम सिंह ने नहीं मानी हार! लगातार प्रयास कर हासिल की ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए संजीवनी फ्लोमीटर यंत्र

मरीजों के स्वास्थ्य के लिए आक्सीजन सेचुरेशन लेवल 94 से ऊपर होना जरूरी है इसलिए ऑक्सीजन का फ्लो सही तरीके से मेंटेन करने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर में फ्लोमीटर का उपयोग किया जाता है। फ्लोमीटर में जरूरत के हिसाब के मरीज को ऑक्सीजन दिया जाता है ताकि उसका ऑक्सीजन लेवल सही रहे। कोरोना के मरीजों के लिए ऑक्सीजन बेड की जिस तरीके से डिमांड अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है जिसके चलते फ्लोमीटर की भी डिमांड बढ़ चुकी है जिसके कारण पूरे देश में फ्लोमीटर की भारी कमी हो रही है। रायगढ़ के निवासियों को फ्लोमीटर की कमी ना हो इसलिए डीएम भीम सिंह अपने स्तर पर दिल्ली, मुंबई, तमिलनाडू, ओडि़सा के डीलरों के अलावा अलावा देश के कई राज्यों में फ्लोमीटर की सप्लाई के लिए संपर्क साध चुके हैं लेकिन पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रहा है फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने साथी बैचमेट्स अधिकारियों से संपर्क स्थापित करते हुए फ्लोमीटर की व्यवस्था जुटाने में लगे हुए हैं। आज डीएम डीएम भीम सिंह के प्रयासों का ही परिणाम है कि रायगढ़ के लिए 500 नग फ्लोमीटर की व्यवस्था हो चुकी है और बहुत जल्द ही फ्लोमीटर रायगढ़ आ जाएगी।

इस विषय में आज बात करते हुए डीएम भीम सिंह ने बताया कि :

“पिछले शुक्रवार को ही हमें यह क्लियर हो गया था कि हमारे जिले में ऑक्सीजन प्लांट हैं उनकी कैपिसिटी नहीं है कि हम और ऑक्सीजन पाइप की तरह बैड्स की संख्या बढ़ा सकें। उसके बाद हमारे पास एक ही ऑप्शन बचा था कि हम ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से ऑक्सीजन बैड बढ़ाये इसके लिए हमने केआईटी रायगढ़, सारंगढ व खरसिया में प्लानिग किया है। पिछले शुक्रवार को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में कोविड बिस्तरों की संख्या भर चुका था तो हमारे पास केवल केआईटी व जिंदल परसदा का हॉस्पिटल ही था। फिर हमने क्या कि में ऑक्सीजन बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की प्लानिग की तो हमें फ्लोमीटर की जरूरत पड़ रही थी। फ्लोमीटर की जरूरत को पूरा करने के लिए हमने प्रदेश स्तर पर बात किया । सीजीएम, हेल्थ सेक्ट्ररी व हेल्थ डायरेक्टर से बात किया  तो सभी ने हमें मना कर दिया तो फिर हमने जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड से बात तो उन्होंने कहा कि हम 50 नग फ्लोमीटर की व्यवस्था कर देंगे लेकिन दूसरे ही दिन उन्होंने मना कर दिया तो फिर हमने रायगढ़ के लोकल व्यापारियों से बातचीत किया तो उनसे कि हमें यह सांत्वना मिली कि 3 दिन में हम 2000 नग फ्लोमीटर मंगवा देंगे लेकिन दूसरे ही दिन उन्हें भी आपूर्ति करने में अक्षमता जाहिर कर दिया। ऑक्सीजन बैड के लिए फ्लोमीटर बेहद जरूरी है इसके आपूर्ति के लिए मैंने रात को अपने बैचमेट्स साथियों से जो अलग-अलग राज्यों में है उनसे इस विषय में चर्चा किया। जोधपुर व राजस्थान में बात हुआ तो 500 नग फ्लोमीटर दो दिन बाद देने की बात हुई। उसके बाद मैंने उत्तरप्रदेश के अपने बैचमेट्स अधिकारीयों से सम्पर्क किया तो उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मेरी मीटिंग कराई। मीटिंग में तमिलनाडु का एक मैन्युफैक्चरर्स जुड़ा और एक एसोसियेशन आफ मेडिकल इक्विपमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स दिल्ली से जुड़े और उत्तर प्रदेश की सेक्रेटरी भी जुड़ें तो इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में तमिलनाडु के मैन्युफैक्चरस ने कहा कि मेरे पास 200 पीस है लेकिन शाम तक उसने भी मना कर दिया और राजस्थान वाले ने भी मना कर दिया तो फिर मैंने अपने मुंबई के बैचमेट से सम्पर्क किया तो उन्होंने मुझे एक दो लोगों का लीड दिया। फिर उनसे हमने बात किया तो हमें वहां से 100 नग फ्लोमीटर डिलीवरी करने की बात हुई। कल हमने उसको पेमेंट किया और शाम होते तक हमें 100 नग फ्लोमीटर डिस्पेच करने की बात हुई और फिर शाम तक उसने हमें और 100 नग फ्लोमीटर और देने की बात कहीं तो उसका भी आर्डर हमने कर दिया है। 200 फ्लोमीटर रायगढ़ आने वाले हैं इसलिए 200 ऑक्सजीनयुक्त बैड बन जाएंगे। हमारे पास सारंगढ़ व केआईटी में सिलेंडर रखे हुए हैं हमने सिलेंडर के साथ बैड बनाये हुए हैं फ्लोमीटर नहीं होने के कारण हम उसे चालू नहीं कर पा रहे थे लेकिन अब फ्लोमीटर के आने से उन्हें हम चालू कर पाएंगे। अभी हमारे पास 40 के आसपास ऑक्सीजन बैड हैं जिनमें से कुछ लैलूंगा में, कुछ लोइंग में तो कुछ तमनार में हैं। मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन बैड तो लगभग फुल ही है। अब आगे ऑक्सीजन पाइप लाइन से जो कुछ होना है वह तो होगा ही लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर एवं फ्लोमीटर के सहायता से हम अलग – अलग जगहों पर जैसे खरसिया व सारंगढ़ में ऑक्सीजन बैड शुरू करेंगे। इसके अलावा कल मुम्बई के उसी डीलर द्वारा हमें 100 नग फ्लोमीटर और भेज रहें हैं जो 200 नग फ्लोमीटर हमें भेज चुके हैं। इसके अलावा दिल्ली के भी डीलर से भी हमने बात की है। वहां से भी हमें 200 नग फ्लोमीटर भेजा जा रहा है। इसके अलावा हमने कोलकाता के एक पार्टी से बात किया वे भी हमें अगले शनिवार तक 500 नग फ्लोमीटर भेजेंगे जो रायपुर में बनेगा। कुल मिलाकर हमारा जो 1000 ऑक्सिजनयुक्त बैड को जिले के सभी विकासखंडों में बनाने का लक्ष्य है वो जल्द पूरा होगा। खरसिया में हम 100 से 150 तथा सारंगढ़ में 70 के आसपास ऑक्सीजन युक्त बैड शुरू करेंगे। वैसे भी हर विकासखंड स्तर पर हर जगह ऑक्सीजन युक्त बैड लगाना हमारा लक्ष्य है। एमएमसीएच हॉस्पिटल में हम 30 बैड और बढ़ाएंगे, पूंजीपथरा में डेढ़ सौ बैड है वहां भी ऑक्सीजन युक्त बैड बढ़ाएंगे। अलग – अलग जगहों पर ऑक्सीजन युक्त बैड हम तभी बढ़ा सकते हैं जब हमें फ्लोमीटर मिलेगा। पूरे देश में फ्लोमीटर की भारी कमी है। मैंने एसोसिएशन ऑफ मेडिकल इक्विपमेंट्स से भी दो बार फोन पर बात किया तो वे भी कुछ नहीं कर पाए। इतने प्रयासों के बाद हमें फ्लोमीटर केवल दो जगहों से मिले हैं। फ्लोमीटर यंत्र आने के बाद हमारे पास सफिसिएंट व्यवस्था हो जाएगी। ऑक्सीजन पाइप लाइन के लिए भी दिल्ली से आज एयरलिफ्ट किया गया है आज हमारे पास सामान आ गया है। 100 बैड और मेडिकल कॉलेज में सन्डे तक अब बढ़ जाएगा इसके अलावा आक्सीजन पाइप लाइन हम बिछा रहे हैं 10 दिन के अंदर ग्राउंड फ्लोर में 70 बैड और स्टार्ट हो जाएंगे। इसके अलावा आने वाले समय में हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि ऑक्सीजन युक्त बैड की कमी पूरे जिले में न हो।”

देखें वीडियो व सुने कलेक्टर के प्रयासों की कहानी

जब पूरे देश में ऑक्सीजन बेड बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है। फ्लोमीटर की मांग बहुत अधिक बढ़ चुकी है। ऐसे में रायगढ़ जिले के लिये इतने बड़े पैमाने पर फ्लोमीटर उपलब्ध करवाना अपने आप में बहुत उपलब्धि है। इन फ्लोमीटर के आते ही अगले सप्ताहांत तक जिले में एक हजार ऑक्सीजन बैड की सुविधा तैयार कर ली जायेगी। इस बीच पाइप लाइन वाले ऑक्सीजन बैड की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह ने अपने कुशल नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करते हुए जिलेवासियों के लिए फ्लोमीटर की व्यवस्था करने में सफलता प्राप्त की है उनके स्थान पर कोई और अधिकारी होता तो अब तक रायगढ़ में फ्लोमीटर कहां से आता यह प्रश्न हमेशा बना रहता। आने वाले कुछ दिनों में 1000 ऑक्सीजनयुक्त बैड जिले के विकासखण्ड स्तरों पर स्थापित हो जाएगा।