रायगढ़/ कोरोना आपदा के इस दौर में दृणसंकल्प शक्ति से रायगढ़ में खड़ा किया गया ऑक्सीजन बेड्स का इंफ्रास्ट्रक्चर !

  • 1000 ऑक्सीजन बेड की सुविधा तैयार करने के लक्ष्य के करीब, 1500 ऑक्सीजन बेड्स बढ़ाने का तैयार कर लिया गया है रोडमैप

रायगढ़, 29 अप्रैल। कोविड की इस असाधारण आपदा के दौर में ऑक्सीजन बेड्स संजीवनी का काम रहें हैं। दिल्ली और लखनऊ जैसे महानगरों से ऑक्सीजन बेड्स की कमी के समाचार आ रहे हैं। ऐसे में कोविड संक्रमण की भयावह आपदा से जूझ रहे छोटे से जिले रायगढ़ ने प्रशासनिक दक्षता की मिसाल कायम की है। कुछ दिनों के भीतर ही यहां 300 अतिरिक्त आक्सीजन बेड्स तैयार किये गए निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन बेड की क्षमता बढ़ाई जा रही है। अभी 550 ऑक्सीजन बेड पाइपलाइन और 150 सिलेंडर से शुरू कर दी गयी हैं। 200 बेड की पूरी तैयारी है। ऑक्सीजन फ्लोमीटर आते ही अगले कुछ दिनों में यह ऑपरेशनल हो जाएगा। इस प्रकार जिले में 1000 ऑक्सीजन बेड शुरू करने का लक्ष्य का काफी करीब है। इसे आगे 1500 ऑक्सीजन बेड्स तक बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया जा चुका है। कलेक्टर भीम सिंह के नेतृत्व में यह बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है।

फ्लोमीटर अरेंज करने में जी जान से मेहनत कर रहें डीएम भीम सिंह

आक्सीजन के फ्लो को मेंटेन रखने फ्लोमीटर का संकट पूरे देश में है। ऐसे में बेहद कुशलता के साथ रात-दिन देश के डीलरों के साथ कलेक्टर ने स्वयं संपर्क कर इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की। जब आश्वस्त हुए तभी पता चला कि वे डिमांड की थोड़ी आपूर्ति ही कर पाएंगे। फिर कलेक्टर ने अपने बैचमेट्स से बात की। पूरे देश मे संपर्क किया और फ्लोमीटर की व्यवस्था में लगे हैं। आज 100 नग फ्लोमीटर मुम्बई से आ जाएंगे। इसके साथ ही अगले सप्ताह 800 फ्लोमीटर की आपूर्ति और होगी। असाधारण समय आपसे असाधारण प्रयासों की मांग करता है। रायगढ़ में अब पर्याप्त आक्सीजन बेड्स हैं और कोई भी ऑक्सीजन की कमी से पीड़ित नहीं होगा।

कलेक्टर भीम सिंह ने जिले में ऑक्सीजन बेड की सुविधा तैयार करने हर संभव प्रयास कर रहे हैं। कोविड नियंत्रण के सभी उपायों को लागू कराने के साथ दवाईयों से लेकर मैन पॉवर व अन्य संसाधनों का इंतजाम हो, सभी कार्यों में उतनी ही मुस्तैदी से दिन-रात जुटे हुये हैं। इसके परिणाम भी हमारे सामने हैं। कोरोना की दूसरी लहर की जब शुरूआत हो रही थी तो रायगढ़ के एमसीएच व 200 बिस्तर कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन बेड की सुविधा थी। निजी अस्पताल अपने स्तर पर पहली लहर के मुताबिक तैयारी कर रखी थी लेकिन कोविड ने इस लहर ने जैसे-जैसे अपना रूप दिखाया, ऑक्सीजन बेड की डिमांड तेजी से बढ़ी। इस चुनौती को स्वीकारते हुये कलेक्टर श्री सिंह ने खुद मोर्चा संभाला।

कोविड के उपचार के लिये शुरू किये गये 500 बेड केआईटी कोविड केयर सेंटर में 300 बिस्तर ऑक्सीजन करने की चुनौती रखी। जिसमें से 150 बिस्तर तैयार कर लिये गये हैं। जिले में अभी 550 ऑक्सीजन बेड पाईप लाईन की सुविधा तथा 150 बेड सिलेण्डर की सहायता से शुरू कर लिया गया है। केआईटी 150 बेड तथा मंगल भवन सारंगढ़ में 50 बिस्तर और तैयार लिये गये हैं जिनमें से सिलेण्डर के माध्यम से मरीजों को ऑक्सीजन सुविधा दी जायेगी। इन अस्पतालों में बेड लगाना, सिलेण्डर की व्यवस्था जैसे तमाम कार्य कर लिये गये हैं। बस इंतजार हो रहा है फ्लोमीटर का।

क्या है ये फ्लोमीटर जिसकी कमी के कारण हो रही दिक्कत, कमी दूर करने अनवरत प्रयासरत कलेक्टर

फ्लोमीटर वह उपकरण होता है जो सिलेण्डर से मरीज की जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन का फ्लोमेंटेन करके रखता है। ऑक्सीजन बेड की जिस तरीके से डिमांड बढ़ी है इसके चलते यह पूरे प्रदेश का पूरे देश में इसकी किल्लत खड़ी हुई है। कलेक्टर भीम सिंह ने इन सबके बीच दिल्ली, मुंबई, तमिलनाडू, ओडि़सा हर जगह में अपने बैचमेट्स अधिकारियों से संपर्क साधते हुए जिले के लिये तेजी से फ्लोमीटर की व्यवस्था में लगे है। उनके प्रयास का परिणाम है कि 100 नग फ्लोमीटर आज मुंबई से डिस्पैच होकर पहुंच जायेगा। फ्लोमीटर की व्यवस्था करना अभी प्राथमिकता है। एक डीलर से चर्चा होने पर उसमें 2000 नग फ्लोमीटर देने की बात कही थी लेकिन वह फ्लोमीटर कहीं और दे दिये गये। इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अपने बैचचमेट्स से संपर्क साधा। उत्तर प्रदेश के बैचमेट से बात की तो वहां के डीलर से भी 200 पीस डिलीवरी करने की बात हुई लेकिन केवल 50 ही मिले । उत्तर प्रदेश के औद्योगिक सचिव तथा तमिलनाडु के मेडिकल इक्विपमेंट एसोसियेशन के माध्यम से बात की तो पता चला 200 पीस फ्लोमीटर मिलेंगे। लेकिन 10 नग ही मिल पाये। इस बीच मुंबई से 100 नग फ्लोमीटर मिल गए व डिस्पेच हो गये है। सोमवार को दिल्ली से 100 तथा मुंबई से सोमवार को 100 और बुधवार को 100 सहित 200 और मंगाये गये है। कलकत्ता के एक डीलर से 500 नग की और व्यवस्था की गयी है। जब पूरे प्रदेश में ऑक्सीजन बेड बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है। फ्लोमीटर की भारी मांग बनी है। ऐसे में जिले के लिये इतने बड़े पैमाने पर फ्लोमीटर उपलब्ध करवाना अपने आप में एक उपलब्धि है। इन फ्लोमीटर के आते ही अगले सप्ताहांत तक जिले में एक हजार ऑक्सीजन बेड की सुविधा तैयार कर ली जायेगी। इसके पश्चात खरसिया में 150 बिस्तर, पुंजीपथरा में 150 बिस्तर, धरमजयगढ़ में 30 तथा लैलूंगा में 30 बिस्तर सहित अन्य स्थानों में 500 ऑक्सीजन बेड बढ़ाने की तैयारी की जा रही है जिससे जिले में 1500 ऑक्सीजन बेड की सुविधा तैयार हो सके है। इस बीच पाइप लाइन वाले ऑक्सीजन बेड की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।

मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन पाईप लाईन का तेजी से हो रहा काम

मेडिकल कालेज में पाईप लाइन से ऑक्सीजन सप्लाई का काम भी तेजी से पूरा रहा है। यहां स्थापित ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इसके लिये दिल्ली से उपकरण एयर लिफ्ट करवाया जा रहा है। रविवार तक यहां 100 ऑक्सीजन बेड और तैयार कर लिया जायेगा। इसके साथ ही ओडि़सा से टेक्नीशियन्स को बुलवाकर ग्राउण्ड फ्लोर में बेड बढ़ाने के लिये पाईप लगवाने का कार्य तेजी से पूरा करवाया जा रहा है। जिससे यहां भी 60 बेड में पाईप लाईन से ऑक्सीजन की सुविधा मिल सके। इसके साथ साथ ही अस्पतालों के लिए वेंटिल्टर्स और बाईपेप मशीनों की व्यवस्था का कार्य जारी है। जिससे गंभीर मरीजों के उपचार में आसानी होगी।