रायगढ़ के गौरव जननायक स्व. श्री रोशनलाल अग्रवाल जी को नागरिक मंच ने दी श्रद्धांजलि ! कैबिनेट मंत्री उमेश पटेल समेत हजारों लोगों ने रोशन भैया को नमन करते हुए उनकी यादों व समाज के लिए किये गए सेवाओं को स्मरण कर किया सजीव..!

रायगढ़, 09 फरवरी। रोशन थे, रोशन हैं और रोशन रहेंगे। रोशन को भुलाया नहीं जा सकता। रोशन भैया संघर्ष की अनोखी मिशाल थे,रोशन भैया शशरीर हमारे साथ नहीं हैं लेकिन उनकी विचारधारा और समाज के प्रति सकारात्मक सोच के साथ आज भी वो हमारे बीच मौजूद हैं। कुछ ऐसे ही शब्दों एवं अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए सोमवार को नागरिक मंच में श्रद्धांजलि देने आए अतिथियों,गणमान्य नागरिकों एवं आमजनों ने कही। रोशन भैया एक सच्चे जननेता थे, इसीलिए क्या कांग्रेस और क्या भाजपा, व्यापारिक संगठनों से लेकर कर्मचारी व सामाजिक संगठन एवं विभिन्न गणमान्य नागरिक भी इसमें शामिल हुए और स्व रोशन भैया से संबंधित अपने पूर्व के संस्मरणों को लोगों के सामने साझा किया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल,पूर्व सांसद नंद कुमार साय,पूर्व प्रदेश महामंत्री गिरधर गुप्ता,पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल,पूर्व गृह मंत्री रामसेवक पैकरा,भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा,जांजगीर विधायक नारायण चंदेल,पूर्व गृह मंत्री व रामपुर विधायक ननकी राम कंवर पूर्व कलेक्टर व प्रदेश युवा मोर्चा सह प्रभारी ओपी चौधरी समेत महापौर जानकी बाई काटजू,जिलाध्यक्ष भाजपा उमेश अग्रवाल,कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला एवं भाजपा तथा कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं आम जन शामिल हुए और पूर्व विधायक रोशनलाल अग्रवाल को कुछ इस तरह से अपने शब्दों में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

रागी जत्था से हुई कार्यक्रम की शुरूआत
स्थानीय मंगलम मैरिज गार्डन में नागरिक मंच द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया था। दोपहर 3 बजे इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरूआत भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा एवं आचार्य राकेश ने दीप प्रज्वलित कर की। इसके बाद सिख समाज द्वारा रागी जत्था की प्रस्तुति देकर श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके बाद वक्ताओं का श्रद्धांजलि देने का सिलसिला शुरू हुआ। मंच का संचालन प्रोफेसर अंबिका वर्मा सर ने किया।

गिरधर गुप्ता – अपने परम मित्र रोशन अग्रवाल को याद करते हुए बस इतना कह सके कि रोशन के रूप में रायगढ़ का लाल चला गया है और उनका गला भर आया। इसके बाद अपनी तरफ से श्रध्दांजलि शब्द का उच्चारण कर वे स्टेज से नीचे चले गए।

उमेश पटेल – युवा, खेल एवं उच्च शिक्षा मंत्री ने विधान सभा में अपने पहले दिन को याद करते हुए बताया कि जब विधानसभा में पहले ही दिन वे अपने पिता की यादों से भाव विभोर हो उठे थे, तब रोशन अग्रवाल ने उन्हें ढांढ़स बंधाने सबसे पहले उनके पास आए और उन्हें जन प्रतिनिधि होने के नाते मजबूत बनने का सबक दिया था। साथ ही उमेश पटेल ने रोशन अग्रवाल द्वारा दिया हनुमान चालीसा दिखाते हुए बताया कि वे उसे हमेशा अपने साथ रखते हैं।

रामसेवक पैंकरा – पूर्व गृहमंत्री ने रोशन अग्रवाल के कार्य के साथ समय प्रबंधन के माध्यम से उन्हें याद किया। उन्हेांने बताया कि विधायकों को मुख्यमंत्री की तरफ से हमेशा रोशन अग्रवाल का उदाहरण देकर मैनेजमेंट की चर्चा करते थे।

आचार्य राकेश (गुरूकुलम आश्रम तुरंगा)- इन्होंने तुरंगा आश्रम में जननेता रोशन अग्रवाल प्रथम आगमन को याद करते बताया कि उनकी उपस्थिति में आश्रम की ओर से जरूरतमंदों को कंबल वितरण किया गया था। अगले दिन उतने ही कंबल रोशन अग्रवाल ने आश्रम में दान कर अपनी अनूठी सहभागिता व सेवा भावना दिखाई।

अमर अग्रवाल रोशन अग्रवाल से अपने पिता के जुड़ाव की स्मृति को साझा करते हुए कहा कि राजनैतिक जीवन की शुरूआत से वे दोनों जुड़े रहे। साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को भी रोशन अग्रवाल द्वारा विधायक ऑफिस के संचालन के तरीके का कायल बताया।

शिवरतन शर्मा (विधायक भाटापारा)- ‘कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हंंसे हम रोए। ऐसी करनी कर चलो हम हंसे जग रोएÓ…को याद करते हुए उन्होंने कहा कि रोशन अग्रवाल ने इस दोहे को चरितार्थ किया है। उन्होंने बताया कि उनके विधायक रहते रायगढ़ विधानसभा में तीन महाविद्यालयों का निर्माण किया गया, जो कि आम तौर पर होता नहीं है। उन्होंने उनकी स्पष्टवादिता को भी याद करते हुए नमन किया।

नारायण चंदेल (भाजपा प्रदेश महामंत्री) – ‘जो आया है, सो जाएगा…Ó इस दोहे से सांत्वना शब्द बोलते हुए उन्होंने रोशन अग्रवाल को उनके उसूलों के लिए याद किया। उन्होंने बताया कि दिवंगत नेता अपने उसूलों के कारण भले ही तकलीफ में रहे हों लेकिन उन्होंने अपने उसूल नहीं छोड़े।

राजीव पांडे (जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष) – इन्होंने रोशन अग्रवाल की संघर्ष क्षमता, सच्चाई, ईमानदारी जैसे उत्तम मानवीय गुणों को याद करते हुए कहा कि समाज को उनका अनुसरण करना चाहिए, जिससे एक अच्छे समाज का निर्माण हो सकेगा।

ओपी चौधरी (पूर्व कलेक्टर व भाजपा नेता) – पूर्व कलेक्टर ने रोशन अग्रवाल के दुर्घटना पश्चात अंतिम क्षणों को न भूल सकने वाला समय बताया। उन्होंने अपना अनुभव याद करते हुए बताया कि जब वे कलेक्टर थे तो उन्हें दूसरे जिले में पदस्थापना के बावजूद रोशन अग्रवाल ने रायगढ़ के काम करवाने को कहा। जब ओपी चौधरी ने इस पर उनसे सवाल किया तो उनका कहना था कि विधायक होने के नाते वे अपना काम तो कर ही रहे हैं लेकिन रायगढ़ के सशक्त नागरिक होने के नाते उन्हें भी कुछ काम का दायित्व लेना चाहिए। उन्होंने रोशन अग्रवाल के काम के प्रति ऐसे समर्पण को अगली पीढ़ी के सीखने लायक गुण बताया।

रामपुर विधायक ननकी राम कंवर – इन्होंने स्व. रोशनलाल अग्रवाल के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को धैर्य रखने को कहा। उन्होंने रोशनलाल के साथ ही उनके मित्र गिरधर गुप्ता की चर्चा करते हुए उनकी मित्रता को अटूट बताया। उन्होंने रोशन लाल के विधायक कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों को सबके लिए प्रेरणादायीं बताते हुए परिवार को ढांढ़स बंधााया।

नेतराम साहू (जिला शिक्षक संघ) – बहुत भावुकता के साथ इन्होंने रोशन अग्रवाल को अपने आमजन के संरक्षक और पितातुल्य मार्गदर्शक के रूप में याद किया। इन्होंने शिक्षक संघ के साथ ही साहू समाज की ओर से अपनी श्रध्दांजलि दी।

संजीव चौहान (वाइस प्रेसीडेंट, जेएसपीएल) – रोशन अग्रवाल के जुझारूपन और मार्गदर्शन को याद करते हुए उन्हें पूरे जिंदल इस्पात समूह की ओर से अपनी श्रध्दांजलि अर्पित की।

जानकी काटजू (महापौर) – जानकी काटजू ने उस समय को याद किया जब वे वार्ड नंबर 4 की पार्षद थी और अपने वार्ड में मेला लगायीं। उस वक्त विधायक होने के बावजूद रोशन अग्रवाल ने जानकी काटजू को उदघाटन का फीता काटने का अवसर दिया।

निराकार पटेल (जिपं अध्यक्ष) – जिपं अध्यक्ष ने रोशन अग्रवाल को याद करते हुए कहा कि वे राजनीति के एक चमकते सितारे रहे। उन्होंने दिवंगत आत्मा को याद करते हुए कहा कि वे ऐसे सख्सियत थे जो कि अनहोनी को होनी करने की पूरी क्षमता रखते थे।

विरेन्द्र पांडे (पूर्व अध्यक्ष वित्त आयोग) – ‘बड़े गौर से सुन रहा था जमाना तुमको और तुम्ही सो गए कहते कहतेÓ इन वाक्यों के साथ रोशन अग्रवाल को याद करते हुए इन्होंने कहा कि वे बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्हें राजनीति के साथ स्वास्थ्य, साहित्य, आध्यात्म में भी समान रुचि थी। साथ ही उनके द्वारा संपादित अखबार ‘जनकर्मÓ की भी चर्चा उन्होंने की और बताया कि अखबार के नाम से ही जनता संग उनके जुड़ाव को समझा जा सकता है।

योगेश अग्रवाल (अध्यक्ष छग चैंबर ऑफ कॉमर्स) – रोशन अग्रवाल को याद करते हुए कहा कि जब वे चैंबर ऑफ कॉमर्स के संरक्षक रहे। उनका स्वभाव हमेशा व्यापार और व्यापारियों के लिए बड़े भाई की तरह रहा। यहां तक कि व्यापारियों को साथ लेकर ही उन्होंने कोरोना काल में गरीबों की भी मदद की। इन्होंने बृजमोहन अग्रवाल और अपने पूरे परिवार के साथ ही चैंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से अपनी श्रध्दांजलि अर्पित की।

किशन तुलस्यान (संपादक, लोक स्वर) – इन्होंने कहा कि रोशन लाल साफगोई से अपनी बातें रखते थे। इसके अलावा उनके जुझारूपन, स्पष्टवादिता और ईमानदारी को उनका जन्मगत गुण बताते हुए उन्होंने रोशन अग्रवाल के लिए अपनी वेदना प्रकट की।

अनिल शुक्ला (कांग्रेस शहर अध्यक्ष) – संघर्ष का स्वरूप बताते हुए इन्होंने रोशन अग्रवाल के लिए कहा कि जब वे राजनीति में कदम रखे तो उन्हें उनकी ही कहानियां सुनकर प्रेरणा मिलती थी।

अनिल अग्रवाल (वरिष्ठ कांग्रेसी नेता) – इन्होंने रोशन अग्रवाल को याद करते हुए कहा कि वे ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्हें राजनैतिक जीवन की शुरूआत से ही कठिन काम करने का लक्ष्य दिया गया और उन्होंने कांग्रेस पार्टी पुराने दौर में कांग्रेस पार्टी के सदस्यों को भाजपा मे जोडऩे जैसा मुश्किल काम कई दफे कर दिखाया था।

जेठूराम मनहर (पूर्व महापौर) – ‘तुझको तेरे बाद जमाना ढूंढेगाÓ को उच्चारित करते हुए इन्होंने कहा कि रायगढ़ के सभी जनमानस के लिए यह एक अपूर्णीय क्षति है।

डॉ. राजू अग्रवाल – रोशन अग्रवाल को इन्होंने ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया कि जिन्होंने राजनीति को कभी भी आय का साधन नहीं समझा बल्कि हमेशा जनसेवा के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि वे सबकी यादों में सदैव जीवित रहेंगे।

रामकुमार पटेल (अध्यक्ष माली पटेल समाज)- उन्होंने रोशन भैया की सादगी के बारे में बताते हुए कहा कि वे स्वयं को रामकुमार पटेल से छोटा बताते हुए हमेशा उन्हें ही सम्मानित मानते रहे। यहां तक कि उनके हाथों से भी फूल माला नहीं लेते थे और जब कभी उन्हें स्टेज से नीचे देखते तो उन्हें ऊपर बुला लेते। साथ ही उनके प्रेजेंस ऑफ माइंड की भी रामकुमार पटेल ने तारीफ की, जिसकी बदौलत वे हर परिस्थिति का सरलता से सामना कर पाते थे।

दिलीप पांडे (कांग्रेस, पुसौर) – उन्होंने रोशन अग्रवाल के निधन की घटना से पटे अखबारों का जिक्र करते हुए जनमानस की भावनाओं के रूप में मिली सच्ची श्रध्दांजलि को याद किया। उन्होंने अपने कथन के माध्यम से रोशन अग्रवाल को जमाने के लिए एक मिसाल बताया।

नंद कुमार साय (वरिष्ठ भाजपा नेता) – वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया कि जब उनका निवास वर्षा लॉज में था तो वे और रोशन अग्रवाल दोनों साथ में राजनैतिक संघर्ष करते थे। उन्होंने महाभारत के यक्ष प्रश्न के जरिए सभी शोक संतप्त लोगों को ढांढ़स बंधाते हुए कहा कि संसार में सभी को एक दिन जाना है इसलिए इस सच्चाई को स्वीकार करना होगा।

युवराज सिंह आजाद (हर्ष न्यूज) – अपनी स्मृति से 80 के दशक की त्रिमूर्ति रोशन-विजय-खेमराज का किस्सा साझा करते हुए कहा कि एक पत्रकार और जननेता के तौर पर उस समय वे सत्तारुढ़ पार्टी से टकराने से भी नहीं घबराए। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उनके और रोशन अग्रवाल के बीच मतभेद रहने के बावजूद उन्होंने कभी युवराज सिंह या किसी से भी नाराजगी नही रखी। इसके साथ ही उन्होंने भगत सिंह पर लिखी कविता को याद करते हुए उन्हें अपनी श्रध्दांजलि दी।

उमेश अग्रवाल (भाजपा जिलाध्यक्ष) – उन्होंने रोशन अग्रवाल को अपना प्रणेता बताते हुए कहा कि उनकी ही प्रेरणा से उन्होंने भाजपा की सदस्यता 90 के दशक में ली थी।

बलवीर शर्मा – 80 के दशक में गोली कांड के बाद रोशन अग्रवाल के अदम्य साहस और संगठन के प्रति काम के जज्बे को याद करते हुए इन्होंने बताया कि वे जितने जुझारू थे, उतने ही तेज तर्रार। इसी कारण जब कभी कोई उनकी झूठी तारीफ करता तो वे उसे डांटने से भी नहीं चूकते थे।