रायगढ़ / ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुम 149 नाबालिगों को रायगढ़ पुलिस मिलायी उनके परिवार से.. गुम नाबालिगों को कई राज्यों से दस्तयाब कर लायी पुलिस टीमें.. कई प्रकरणों में पास्को एक्ट के तहत आरोपियों पर हुई कार्यवाही..!

रायगढ़ । पुलिस मुख्यालय के दिशा निर्देशानुसार प्रतिवर्ष प्रत्येक जिले में गुम नाबालिक बच्चों की अधिक से अधिक दस्तयाबी के लिए ऑपरेशन मुस्कान चलाया जाता है । जिले में इस साल 149 गुम बालक बालिकाओं को जिला पुलिस द्वारा विभिन्न राज्यों से दस्तयाब कर वापस लाया गया है ।

इस वर्ष कोरोना की वजह से काफी समय तक दिगर प्रांत पुलिस टीमों को जांच, विवेचना, नाबालिगों के पतासाजी के लिए नहीं भेजा गया था । जिसे देखते इस अभियान को पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री संतोष सिंह द्वारा आगे अनवरत जारी रखा गया जिसमें जिला पुलिस को काफी सफलता मिली है । गठित टीमों द्वारा दिगर प्रांत ओडीशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, कर्नाटक, दिल्ली आदि राज्यों के विभिन्न जिलों से गुम नाबालिगों की दस्तयाबी की गई है ।

गुम नाबालिगों की जांच में तेजी लाने पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह द्वारा एडिशनल एसपी रायगढ़ श्री अभिषेक वर्मा को नोडल अधिकारी एवं उप पुलिस अधीक्षक (आईयूसीएडब्ल्यू) गरिमा द्विवेदी को सहायक नोडल अधिकारी बना कर प्रत्येक गुम इंसान पर गंभीर जांच करने का निर्देश दिया गया जिसके बाद खानापूर्ति जांच कर रहे विवेचकों की डायरी हेड क्वार्टर मंगा कर जांच की गई जिससे काफी संख्या में लापता नाबालिगों को दस्तयाब किया गया है । इस साल कोतवाली व जूटमिल पुलिस द्वारा 28, थाना कोतरारोड द्वारा 18, थाना सारंगढ़ द्वारा 15, थाना खरसिया द्वारा 12, थाना धर्मजयगढ़ द्वारा 11, थाना बरमकेला व चक्रधरनगर द्वारा 10-10 एवं अन्य थानों द्वारा भी इसी प्रकार गुम नाबालिगों की दस्तयाबी की गई है । इस साल गुम हुये तथा पूर्व के लंबित गुम इंसानों में 132 बालिका तथा 17 बालक दस्तयाब किये गये है । उल्लेखनीय है

कि कई मामलों में कोरोना की वजह से दिगर प्रांत में गुम बालक/बालिका फंसे हुये थे जिन्हें सकुशल वापस लाकर परिवार से मिलाया गया है । साथ ही नाबालिगों के बचपन से खिलवाड़ कर रहे लोगों को भी बक्शा नहीं गया है । दस्तयाब किये गये कई मामलों में पीड़िता के कथनानुसार पास्को एक्ट की धाराएं विस्तारित कर आरोपियों की गिरफ्तारी कर विधिवत कार्यवाही की गई है ।