ग्रामीण को मुआवजा देंगे कहकर मोनेट इस्पात के अफसरों ने हड़प ने 5 एकड़ जमीन..और आज 6 साल से अधिक हो मुआवजा के नाम दर दर ठोकरे खाता फिर रहा ग्रामीण, रसूख के आगे एक आम इंसान हुआ बेबस..पढ़े पूरी जानकारी..!

रायगढ़ । रायगढ़ से लगभग 25 किलोमीटर दूरी पर स्थित मोनेट इस्पात एनर्जी लिमिटेड नहरपाली जो की पावर प्लांट के नाम से जाना जाता है। मोनेट इस्पात नहरपाली के अंतर्गत एक बड़ा मामला सामने आया है। जो कि भू अर्जन के तहत 2013 में जमीन को मोनेट इस्पात एनर्जी लिमिटेड द्वारा लिया गया था। जिसके तहत परिवार को उक्त जमीन का उचित मुआवजा दिए जाने की बात कही गई थी।

आइये जानते हैं पुरा मामला क्या है..!

अघन दास पिता प्यारी दास महंत ग्राम सिंघनपुर खरसिया जिला रायगढ़ छ.ग. का निवासी है। अघन दास की 5 एकड़ जमीन को सन 2013 में मोनेट इस्पात नहरपाली के लिए भू अर्जन के तहत अधिग्रहण की गई है। जिसके तहत मोनेट इस्पात नहरपाली के अधिकारियों द्वारा उक्त जमीन का कुल 5,61,3137 रुपए मुआवजा देने की बात कही गई थी। बात हुआ और उनके मुताबिक उनको जमीन मिल गया लेकिन अघन दास को अभी तक मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है। यह जमीन प्रार्थी का मालगुजारी जमीन गोस्वामी हक की जमीन है। इस संबंध में शासन को कई बार आवेदन भी की जा चुकी है परंतु उक्त भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से प्रार्थी को घोर मानसिक कष्ट जाना पड़ रहा है।

आखिर कब तक मिलेगा ग्रामीण को मुवावजा

आज ग्रामीण अघन दास दर-दर की ठोकरें खा रहा है और सरकार को आवेदन एवं ज्ञापन दे रहा है लेकिन उसकी किसी भी प्रकार की विगत 6 वर्षों से कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है इसके पीछे क्या कारण है यह तो वह सरकारी अधिकारी ही जाने। लेकिन मोनेट के रसूख के सामने प्रशासनिक अधिकारी भी मौन व्रत धारण किए हुए हैं और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी खामोश हैं।

ठगी का शिकार हुए ग्रामीण अघन दास का साथ देने के बजाय यह अफसर एवं नेतागण प्लांट के अफसरों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं जबकि प्रशासनिक अधिकारियों को पीड़ित अघन दास को मुवायजे की अनुसार राशि दिलवाने हेतु जरूरी प्रयास करने चाहिए और पीड़ित को न्याय दिलाना चाहिए। पीड़ित की मानसिक स्थिति सही नहीं है और यदि भविष्य में उसे मुआवजा न मिलने के कारण कुछ हो गया तो इसकी पूरी जिम्मेदारी और जवाबदारी मोनेट प्लांट की ही होगी।