खरसिया / पंडित दीपककृष्ण के मुखारविंद से बह रही पावन भागवत गंगा.. ग्राम घघरा में नागलीला और मड़ई मेला का हो रहा आयोजन..!

० नंद घर आनंद भयो की गूंज से गुंजायमान हुआ पूरा गांव..!

खरसिया। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथावाचक भागवतभूषण पंडित दीपककृष्ण शास्त्री के गृहग्राम घघरा में बह रही पावन भगवत सरिता की लहरों से पूरा अंचल पावन हो रहा है।

श्रीधाम वृंदावन से शिक्षित शास्त्री जी के मुखारविंद से भगवत कथा सुनने दिनों-दिन श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती चली जा रही है। वहीं नागलीला एवं मड़ई मेला का आयोजन भी गांव में किया गया है। ऐसे में लगभग तमाम वक्त पूरा गांव धार्मिक उत्सव में मगन देखा जा रहा है। वामन अवतार एवं भक्त प्रहलाद के प्रसंग और जीवंत झांकियों और सरस संगीत से माहौल भक्तिमय हो गया है।

चतुर्थ दिन श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाते हुए पंडित दीपककृष्ण ने कहा कि जब-जब हृदय की गहराइयों से परमात्मा को पुकारा जाता है, तो वे भक्तों की रक्षा करने जरूर आते हैं, इसीलिए उनका नाम भक्तवत्सल पड़ा है। भय और संताप की काली रात के बीच देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान के रूप में स्वयं परमात्मा ने प्रकट होकर भक्तों को अभयदान दिया था। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग के दौरान भागवत पंडाल सहित पूरा गांव नंद घर आनंद भयो की गूंज से गूंज रहा था, ऐसा लग रहा था, मानो यह ग्राम गोकुल ही है। बधाइयों का तांता थम ही नहीं रहा था, हर कोई श्रीकृष्ण नाम रस पीकर आल्हादित हो रहा था।