क्षमता से अधिक भंडारण व बारदाने की कमी से कई धान खरीदी केंद्रों में खरीदी बंद..!

रायगढ़ । जिला में बारदाने आने की कमी व धान का उठाओ ना होना धान खरीदी मे बाधा उत्पन्न कर रहा है धान खरीदी केंद्र के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी किसानो की नहीं सत्तापक्ष के इशारों पर चल रही है जिससे किसान परेशान हो रहा है खरीदी का लक्ष्य अभी बाकी है जिसे 26 दिन में पूरा करना है ऐसे में कैसे होगा लक्ष्य पूरा किसानों के धान कैसे बिकेंगे समझ के परे है।

कुछ किसान झझटो से छुटकारा पाने के लिए बिचऔलियो को औने पौने दाम पर अपना धान बेच चुके है..!

जिले में धान खरीदी में जैसे-जैसे तेजी आई है वैसे वैसे किसानों की समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ने लगी है कई समिति में धान का उठाव ना होने की वजह से क्षमता से अधिक धान जाम है कई धान खरीदी केंद्रों में धान रखने तक की जगह नहीं है वहीं बार दाने की कमी से नोटिस चस्पा कर यह बताया जा रहा है कि टोकन नहीं कटेगा खास बात तो यह है कि इन समस्याओं के समाधान में विपणन और खाद्य विभाग के अधिकारीयो को कोई दिलचस्पी नहीं है या अधिकारी जरूरत में धान खरीदी केंद्र नहीं आते हैं और फोन लगाने पर फोन रिसीव नहीं करते हैं बारदाना उपलब्ध कराने के लिए पी. डी. एस. से सारे बारदाने उठा लिए गए हैं फिर भी बारदाने की कमी बनी हुई है अधिकारी किसानों को यह कह रहे है कि आप बारदाना ले आइये जिसके एवज में आप को 15 रूपए दिए जायेगे पर समस्या तो यह है की बारदाने खुले बाज़ार मे भी उपलब्ध नहीं है और जहा उपलब्ध है वहा 30 रूपए की दर से दी जा रही है पर किसान को तो 15 रूपए ही मिलना है

उठाओ ना होने की वजह से धान खरीदी केंद्रों में क्षमता से अधिक धान जाम..!

1 माह से अधिक समय धान खरीदी को हो चुका है जिले में अभी लगभग 5 लाख क्विंटल तक की धान खरीदी हो चुकी है वही बात उठाव की करें तो 2लाख क्विंटल धान का डी. ओ. जारी किया गया है लेकिन इसमें से अबतक 50% भी धान का उठाव नहीं हो सका है.

1 जनवरी को कई धान खरीदी केंद्रों में धान खरीदी बंद रही बारदाने की कमी और क्षमता से अधिक भंडारण होने के कारण कई धान खरीदी केंद्रों में धान खरीदी कुछ ही किसानो से ही की गई जबकि जिले में लघु वर्ग के किसानों की संख्या ज्यादा है और अभी वो किसान काफी संख्या में बचे हुए हैं.

धान खरीदी ना होने से बिचौलियों की होने लगी चांदी..!

छोटे किसानों को पैसे की आवश्यकता है और धान खरीदी की समस्या जिसका लाभ बिचौलिए उठा रहे हैं छोटे तबके के किसान झझटो से बचने के लिए वो धान खरीदी केंद्रों मैं चक्कर लगाना पड़े इसके लिए ओ बिचौलियों के झांसे में आकर अपने खून पसीने की कमाई को ओने पौने दाम पर दे रहे है और सरकार को भी कोस रहे हैं बिचौलिए इतने सक्रिय है कि दूसरे राज्य से बारदाने मंगा कर किसानों को लालच देकर उनके जी खातों में अपना धान बेच रहे हैं धान खरीदी केंद्रों के कर्मचारी बिचौलियों से सेटिंग कर उनका धान बेचने में मदद कर रहे हैं और उन्हें पूरा सहयोग दिया जा रहा है.