मुस्लिम समुदाय के युवकों ने मिसाल पेश की, जब कोरोना पीड़ित परिवार के जवान बेटे का हिन्दू रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कार- हेमंत सांग

अब तक वे 10 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार कर चुके है।

गरियाबंद 29 अप्रैल 2021:- गरियाबंद मुस्लिम समाज के युवाओं ने आज एक ऐसा नेक काम किया है जो वाकई इंसानियत को बढ़ावा देता है। समाज के युवाओं ने आज एक हिन्दू युवक का हिन्दू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया है। युवक की कोरोना से मौत हो गयी थी। मृतक के परिजन कोरोना संक्रमित होने के कारण अपने लाडले का अंतिम संस्कार करने में असमर्थ थे। अंतिम संस्कार को लेकर परिजन काफी चिंतित थे। मुस्लिम समाज के युवाओं ने ना केवल पीड़ित परिवार की चिंता का निराकरण किया बल्कि युवक का अंतिम संस्कार कर मानव धर्म का परिचय दिया है।

पूरा मामला गरियाबंद जिला मुख्यालय से सटे आमदी गांव का है। गांव के 40 वर्षीय लोकेश जामरे की बुधवार की रात मौत हो गयी थी। वह कुछ दिनों से कोरोना संक्रमित थे और होंम आइसोलेशन में रहकर अपना उपचार ले रहा था। बुधवार की रात उनकी तबियत अचानक बिगड़ गयी। उन्हें इलाज के लिए कोविड अस्पताल ले जाया गया, जहां ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण रात तकरीबन 3 बजे उनकी मौत हो गयी। लोकेश के बुजुर्ग पिता खोलबहारा राम और छोटे भाई दीपक भी कोरोना से पीड़ित है। परिवार के बाकी सदस्य भी बीमार है।

ऐसी परिस्थितियों में लोकेश का अंतिम संस्कार करना परिजनों के लिए मुश्किल हो गया था। मुस्लिम जमात के युवाओं को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पीड़ित परिवार से सम्पर्क किया। परिजनों की लिखित अनुमति के बाद युवाओं ने लोकेश का हिदू रीति नीति से अंतिम संस्कार किया।

सतनामी समाज के प्रदेशाध्यक्ष एवं समाजसेवी हेमंत सांग ने मृतक को मुखाग्नि दी।

गौरतलब है कि मुस्लिम समाज के युवा ताहिर खान, जुनैद खान, सफीक रजा और सन्नी मेमन द्वारा अपने साथियों अरबाज खान, हैदर अली, साजिद खान, आसिफ खान, दादू अली एवं सर्वर खान के साथ मिलकर एक टीम गठित की है। जो समाज के कोरोना पीड़ितों की मदद करती है और मौत होने पर उन्हें सुपुर्दे खाक में सहयोग देती है। टीम के अगवा ताहिर खान के मुताबिक अब तक वे 10 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार कर चुके है। आज ही समाज की एक महिला के अंतिम संस्कार में भी टीम ने योगदान देकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने बताया कि लोकेश की मौत के बाद परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार में परेशानी होने की जानकारी जैसे ही उनकी टीम को मिली तो तत्काल पीड़ित परिवार से सम्पर्क साधा गया ओर फिर समाजसेवी हेमंत सांग के साथ मिलकर कोविड प्रोटोकॉल के तहत मालगांव नदी घाट इलाके में शासन द्वारा चिन्हांकित स्थल पर लोकेश का अंतिम संस्कार किया।

जिले में कोरोना महामारी की विभीषिका किसी से छुपी नही है। जिला मुख्यालय हो या फिर गांव सभी जगह कोरोना का कहर जारी है। लोग लगातार काल के गाल में समाते जा रहे है। कई बार तो जिले में ऐसी परिस्थितियां भी देखने में आई है जब मौत पर घर के सदस्य ही अंतिम संस्कार में शामिल नही हो पाए।