घेर कर फायरिंग कर रहे थे नक्सली, 4-5 साथियों की जान बचाई और शहीद हो गए सब इंस्पेक्टर दीपक भारद्वाज..

रायपुर। शनिवार को बीजापुर के सुकमा में नक्सलियों के हमले में शहीद हुए 22 जवानों में शामिल सब इंस्पेक्टर दीपक भारद्वाज की 2019 में शादी हुई थी। बास्केटबॉल और सिंगिंग के शौकीन दीपक इससे पहले भी कई बार नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन को अंजाम दे चुके थे। शनिवार को सर्चिंग पर निकले दीपक की टीम को नक्सलियों ने घेर कर फायरिंग शुरू कर दी जिसमें कई जवान घायल हो गए। दीपक ने साथी जवानों का घेरा बना कर घायलों को सुरक्षित रखते हुए नक्सलियों की फायरिंग का जवाब देने लगे। इसी दौरान उनके करीब आईईडी ब्लास्ट हुआ और उनकी जान चली गई।

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6 सितंबर 1990 को जन्मे दीपक ने 2013 में छत्तीसगढ़ पुलिस ज्वॉइन की थी। उनकी तैनाती बीजापुर में थी। साथी जवानों का कहना है कि दबाव के बीच गाने गाना दीपक की आदत थी। शनिवार को भी जब वे नक्सलियों से लोहा ले रहे थे तो साथियों का मनोबल बनाए रखने के लिए बीच-बीच में गाने गा रहे थे। लेकिन अतिवादियों के विस्फोट में उनके सुर हमेशा के लिए खामोश हो गए।

जांजगीर जिले के पिहरीद के रहने वाले दीपक के पिता राधेलाल भारद्वाज ने बताया कि बेटे से आखिरी बार होली से पहले बात हुई थी। शनिवार को मुठभेड़ खत्म होने के बाद उन्हें इसकी जानकारी मिली तो वे पत्नी के साथ बीजापुर के लिए निकल गए। अपने बेटे की तलाश में वे यहां-वहां भटकते रहे। काफी देर बाद जीवनागुड़ा इलाके में एक पेड़ के पास उनका शव मिला।

दीपक ने छठी से 12वीं तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय मल्हार से की थी। वह बास्केटबॉल के अच्छे खिलाड़ी थे और स्कूल के दौरान नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुके थे।