कोरोना संक्रमितों की सतत निगरानी में तत्पर महिला बाल विकास की सेविकाएं…

रायगढ़ 01 मई2021:- फंसी हुई दुनिया कैसे
अपने ही पांसों में,
एक वायरस टहल रहा
आदम की सांसों में,
अवरोधक लग गए
पांव में आवाजाही के,
कितने खौफ़नाक मंज़र हैं यहां तबाही के।
सुनते हैं यमराज कहाँ
कब कोई भी बिनती,
रोज यहाँ गिरती लाशों की
कौन करे गिनती,
दिखते हैं ताबूत अनगिनत
यहां उगाही के,
कितने खौफ़नाक मंज़र हैं यहां तबाही के।

कोरोना काल का पिछला साल शायद ट्रेलर था, पिक्चर तो कोरोना रिटर्न दिखा रहा है। पिछले साल से इस विषम परिस्थिति में भी जो अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा दे रहे हैं चाहे वो स्वास्थ्य विभाग के समस्त कर्मचारी हों, पुलिस विभाग के कर्मचारी हों, सफाई कर्मचारी हों या फिर महिला बाल विकास विभाग की आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका हों, मितानिन हों। क्या इनको डर नहीं लगता ? क्या इनके घर-परिवार नहीं है ? क्या इन्हें अपने बच्चों की चिंता नहीं ? है। इनको सबकी चिंता है लेकिन अपने निजी स्वार्थ को त्याग कर ये सभी अपने कर्म क्षेत्र में जान जोखिम में डालकर हम सबकी सलामती के लिए हर सम्भव प्रयास कर रहे हैं।

कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण एवं उसकी रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु छत्तीसगढ़ शासन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मंत्रालय महानदी भवन रायपुर के पत्र क्रमांक 470/नि.स./सा.स्वा./2020 दिनाँक 05-05-2020 के निर्देश के अनुपालन में जिला अंतर्गत नगरीय निकाय, नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायत क्षेत्रों में सर्दी, खांसी, बुखार, सूखा श्वास की तकलीफ के लक्षण वाले तथा बीपी, शुगर, ह्रदय रोग या अन्य लंबी बीमारी से ग्रसित लक्षण वाले व्यक्तियों का पता लगाने का कार्य करने हेतु कार्यालयीन आदेश क्र. 4436/कोरोना सेल/ 2020 रायगढ़ दिनाँक 09-05-2020 के द्वारा एक्टिव सर्वलियांस टीम गठित कर टिकवेंद्र कुमार जाटवर, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग रायगढ़, को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए उनके मार्गदर्शन में कार्य संपादित करने हेतु महिला बाल विकास विभाग दिनाँक 28-04-2021 के अनुक्रम में एक्टिव सर्वलियांस टीम को पुनः गठित की गई।

जिसमें महिला बाल विकास विभाग परियोजना रायगढ़ से एक्टिव सर्वलियांस में कुल 96 कार्यकर्ता, और सहायिका कार्यरत हैं। एक्टिव सर्वलियांस के अंतर्गत कार्यरत कार्यकर्ता और सहायिकाओं के द्वारा जहाँ-जहाँ कोविड-19 के मरीज होम क्वॉरेंटाइन में हैं वहाँ देखा जा रहा है कि, मरीज घर पर है कि नहीं और उस परिवार में कितने सदस्य हैं। और घर के बाहर में पोस्टर चिपका कर लाल स्याही से क्रॉस का निशान भी बनाया जा रहा है। सील किए जाने वाले कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण भी टीम के द्वारा प्रतिदिन लगातार किया जा रहा है।