कोरोना के रोकथाम एवं उपचार में फंड की कोई कमी नहीं होगी : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

➡️ जिलों को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने के निर्देश

➡️ जिला अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कोरोना पीड़ितों के इलाज का प्रबंध करें

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति एवं प्रबंधन को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण में तेजी आई है जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इसकी रोकथाम एवं इलाज के लिए सभी आवश्यक उपाय एवं प्रबंध किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम और मरीजों के इलाज के लिए फंड की कोई कमी नहीं होगी। इसके लिए उन्होंने जिलों को आवश्यकतानुसार राशि जारी करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए कोविड सेंटर, जिला अस्पतालों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी आवश्यक प्रबंध किए जाने की जरूरत है, ताकि रायपुर स्थित एम्स एवं मेडिकल काॅलेजों के अस्पतालों में मरीजों की अत्यधिक संख्या को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों के लक्षण एवं उनकी स्वास्थ्यगत स्थिति को ध्यान में रखते हुए इलाज के लिए कोविड सेंटर एवं अस्पतालों में भर्ती किया जाना चाहिए। कोरोना संक्रमित परन्तु सामान्य स्थिति वाले मरीजों का इलाज कोविड सेंटर एवं जिला एवं ब्लाॅक स्तरीय अस्पतालों, होम आइसोलेशन में किए जाने से डेडिकेटेड अस्पतालों, मेडिकल काॅलेजों एवं एम्स में गंभीर स्थिति वाले मरीजों का सहजता से इलाज हो सकेगा। उन्होंने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मरीजों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनकी केटेगरी का निर्धारण तथा इलाज के लिए रिफर करने हेतु सेंट्रल रेफरल सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों के हाॅस्पिटलाइजेशन के मामले में किसी भी तरीके के सिफारिश अथवा एप्रोच पर ध्यान देने के बजाय मरीज की स्वास्थ्यगत स्थिति का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे अस्पतालों में अनावश्यक रूप से बेड के एक्यूपाई होने की स्थिति रूकेगी और इसका लाभ गंभीर रूप से बीमार रोगियों को मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने जिला अस्पतालों, कोविड सेंटर एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आॅक्सीजन बेड की संख्या में बढ़ोत्तरी के भी निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण की स्थिति के मद्देनजर अस्पतालों में मानव संसाधन की कमी को पूरा करने के लिए ग्रामीण इलाकों में पदस्थ चिकित्सकों की अस्थाई डयूटी लगाने के भी निर्देश दिए। अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था के लिए उन्होंने नर्सिंग स्नातक एवं फाइनल ईयर की छात्राओं की सेवाएं भी अस्थाई तौर पर लेने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला चिकित्सालय, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में बेड की उपलब्धता के बारे में लोगों को लगातार जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे कोरोना संक्रमित इलाज के लिए शहर जाने के बजाय स्थानीय स्तर पर इलाज के करा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने निजी चिकित्सालयों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए दर निर्धारण के भी निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए।

बैठक में गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिया, स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्र कुमार एवं राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणुजी. पिल्ले, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक स्वास्थ्य मिशन डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।