उत्तर भारत में बदलने लगा मौसम, जानिए तेज हवाओं के साथ सात मई तक कहां-कहां होगी बारिश

मौसम विज्ञानी लगा रहे इस बार मानसून बेहतर रहने का अनुमान।

Weather मई की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में मानसून पूर्व गतिविधियां जोर पकड़ने लगी हैं। पंजाब हरियाणा राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में जहां शनिवार से ही तेज धूल भरी हवा के साथ हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया है।

नई दिल्ली 02 मई 2021:- मई की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में मानसून पूर्व गतिविधियां जोर पकड़ने लगी हैं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में जहां शनिवार से ही तेज धूल भरी हवा के साथ हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी भारत सहित देश के अन्य हिस्सों में रविवार से इसके बढ़ने की उम्मीद है। इससे इस पूरे सप्ताह यानी सात मई तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा।

दिनभर तेज गर्मी के बाद देर शाम को मौसम का मिजाज अचानक बदला और बारिश शुरू हो गई। अंधड़ के बीच गरच व चमक के साथ करीब आधे घंटे तक बड़ी बूंदों वाली बारिश ने गर्मी से राहत दी। मौसम विभाग ने रविवार को भी मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने का अनुमान लगाया है।

शनिवार को दिनभर तेज धूप के बीच प्रचंड गर्मी पड़ी। दुर्ग (41.8) के बाद राजनांदगांव (41.2) प्रदेश में सबसे गर्म जिला रहा। हालांकि राजनांदगांव में बीती रात को दुर्ग से अधिक गर्मी दर्ज की गई। हालांकि शाम को मौसम का मिजाज अचनाक बदला और बादल गरजने लगा। कुछ देर बाद तेज बारिश होने लगी। इससे मौसम का मिजाज खुशनुमा तो बना ही, गर्मी से थोड़ी राहत भी मिली।

मौसम विभाग के अनुसार बीती रात का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि दुर्ग में यह 23.6 डिग्री रिकार्ड किया गया। शनिवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 39.6 व न्यूनतम 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बिलासपुर में यह क्रमशः 40.8 व 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक एक द्रोणिका दक्षिण पूर्व राजस्थान और उसके आसपास से पूर्वी मध्यप्रदेश तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा बिहार और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। सहायक मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार प्रदेश में दो मई को कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज व चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा अंधड़ चलने की संभावना है। तापमान में मामूली गिरावट संभावित है।

मौसम विज्ञानी लगा रहे इस बार मानसून बेहतर रहने का अनुमान

मौसम विभाग और स्काईमेट वेदर के अनुसार दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर की ओर से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसके असर से शनिवार को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब व हरियाणा समेत कई राज्यों में तेज धूल भरी हवा भी चली और कहीं-कहीं बारिश भी हुई। इस समय पूर्वी और मध्य भारत के साथ-साथ सिंध में भी चक्रवाती हवा के दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मध्य भारत से मानसून की अक्षीय रेखा तमिलनाडु की ओर बढ़ रही है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी भरी हवा भी पहुंच रही है। इसी मल्टीवेदर सिस्टम का नतीजा है कि मानसून पूर्व गतिविधियां समय से शुरू हो गई हैं। इसके आधार पर इस साल मानसून के सामान्य से बेहतर रहने का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। 

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में सात मई तक हल्की बारिश जारी रहेगी

मौसम विज्ञानियों के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र से आने वाली नमी भरी हवा अरब सागर से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में बीते दो दिनों से नमी दे रही है। इससे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्से में आंधी और मेघ गर्जना के साथ हल्की बारिश का दौर अभी जारी रहेगा। तेज हवा और गर्जना के साथ मानसून पूर्व बारिश के उत्तर-पश्चिम भारत, गुजरात के कुछ हिस्सों, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बंगाल, झारखंड, बिहार, पूर्वोत्तर के राज्यों के कुछ हिस्सों तथा दक्षिण प्रायद्वीप में रविवार से बढ़ने की उम्मीद है। छह या सात मई तक बारिश और गरज के साथ बौछारें जारी रह सकती हैं।

तीन से पांच मई के बीच बिहार, बंगाल और ओडिशा में मेघ गर्जना के साथ होगी भारी बारिश

तीन से पांच मई के बीच बिहार, बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों में काल बैसाखी के नाम से जानी जाने वाली भारी बारिश तथा मेघ गर्जना के साथ बहुत तेज हवा चलने के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

उत्तराखंड में पहाड़ों पर बारिश और ओलावृष्टि

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चारधाम समेत आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि, चमोली सहित कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि भी हुई। इससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने रविवार को भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की आशंका जताई है। साथ ही पहाड़ों में आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में शनिवार दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। कई जगह तेज हवा व ओलावृष्टि के कारण सेब सहित गेहूं को नुकसान हुआ है।