आज विश्व मजदूर दिवस मनाया जा रहा है, मजदूर की संकल्पना, कठिन परिश्रम को लेखनी के माध्यम से जयलाल कलेत ने कविता का रूप दिया है, आप भी पढ़िए…

रायगढ़ 01 मई 2021:- आज सम्पूर्ण विश्व में विश्व मजदूर दिवस मनाया जाता है और उनके अथक परिश्रम को याद किया जाता है कि किस प्रकार से मजदूरों ने अपनी जीवटता से, लगनशीलता से एक से बढ़कर एक काम को अंजाम दिया है और सबके सपनों को साकार भी करते हैं। भले ही जिसे हम मजदूर कहते हैं वो दो वक़्त की रोटी के लिए कमाने जाता है लेकिन उसके बिना आज की विकास गाथा सम्भव ही नहीं है। आग वो ना हो तो सब काम रुक जाए। आज के उपलक्ष्य में रायगढ़ के उभरते हुए कवि जयलाल कलेत ने बहुत सुंदर रचना लिखी है, खासकर सभी मजदूरों को समर्पित कर। तो जरुर पढ़िए उनकी कविता👇

मजदूर वहीं कहलाता है

करके राष्ट्र का निर्माण देखो,
मजदूर वहीं कहलाता है।
यह दुनियां को गढ़ने वाला देखो,
मजदूर वही कहलाता है।

ऊंची इमारत हो,या हो सड़क,
कारखाना हो,या हो फ्लाई ओवर,
हर जगह ताकत को अजमाता है,
मजदूर वहीं कहलाता है।

जिसके बिना सब असंभव है,
वह सारे जहां का वैभव है,
वह जन जन को परिश्रम करके बतलाता है।
मजदूर वहीं कहलाता है।

छोटा हो,या हो कोई बड़ा भवन,
इनके बाजुओं से होता है जतन,
खंडर भूमि को आलिशान हमेशा बनाता है,
मजदूर वहीं कहलाता है।

वह कठिनाइयों से न घबराता है,
हर कदम वह मुस्कराता है,
वह खून पसीना हमेशा बहाता है,
मजदूर वहीं कहलाता है।

जयलाल कलेत