Thu. Nov 14th, 2019

राईट तो स्किल योजना की गाइडलाइन में परिवर्तन का अधिकार राज्यों के पास भी हो – मंत्री उमेश पटेल

राज्यों को हो गाइडलाइन में परिवर्त्तन का अधिकार अप्रेंटिसशिप पखवाड़ा में छत्तीसगढ़ के कौशल विकास मंत्री उमेश पटेल ने दिए सुझाव

रायपुर छत्तीसगढ़ के कौशल विकास तकनीकी शिक्षा और रोजगार मंत्री श्री उमेश मटेल ने कल नई दिल्ली के प्रवासी भारतीय केन्द्र में कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा आयोजित विभिन्न राज्यों के मत्रियों के सम्मेलन और अप्रेंटिसशिप पखवाड़े के शुभारंभ के अवसर पर
राज्य में उद्यमशीलता और राइट टू स्किल को लेकर कई सुझाव दिए। उन्होंने राइट टू स्किल योजना के तहत युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए केन्द्रीय स्तर पर प्लेसमेंट सेल के गठन की बात कहीं । इस दौरान कौशल भारत और कुशल भारत के निर्माण के लिए केद्र सरकार द्वारा
चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई ।

उन्होंने कहा कि इस योजना की गाइडलाइन में परिवर्तन का अधिकार राज्यों के पास भी होना चाहिए जिससे राज्य अपनी जरूरत के मुताबिक बदलाव कर सके। इस दौरान मंत्री श्री पटेल ने कहा कि अगर डिमांड और उद्योगों के हिसाब से राइट टू स्किल को बनाया गया तो इसे लागू करने
में कई दिवकतें होगी । कौशल के अधिकार और उद्योगों की मांग में विरोधाभास पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा इसके तहत दी जाने वाली कोर्सेस की भी जानकारी पहले ही निर्धारित होनी चाहिए जिससे युवा अपनी जरूरत और प्राथमिकता के अनुसार स्किल का चुनाव कर सके । राज्यों में
राइट टू स्किल को लागू करने में मशीनरी की दिक्कते आ सकती है जिसकी कमी केंद्र को दूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय स्तर पर प्लेसमेंट सेल का गठन हो, जिससे विभिन्न राज्यों के समन्वय से जहाँ जरुरत हो वहाँ युवाओं को रोजगार मिल सके।

सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के मंत्रियों के अलावा केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय, राज्य मंत्री राजकुमार सिंह सहित राज्यों के प्रमुख सचिव शामिल थे।

You may have missed