Sat. Dec 7th, 2019

महुआ शराब में शराबोर पुसौर अंचल

रायगढ़ :- रायगढ़ जिला पूरे प्रदेश में बड़े-बड़े उद्योग के नाम से मशहूर है, पर रायगढ़ जिले का एक ब्लॉक पुसौर जो उद्योग के साँथ-साँथ महुआ शराब के व्यापार के लिए भी जाना जाता है, आखिर क्यों नहीं “जब सइयां भए कोतवाल तो डर काहे का”

विदित हो की पुसौर थाना क्षेत्र महुआ शराब कारोबारियों का गढ़ बन चुका है,यहां महुआ शराब के बड़े-बड़े व्यापारी हैं जो कच्ची शराब के पैसों से पूरे थाना को चलाने की माद्दा रखते हैं, यूँ तो इस थाना क्षेत्र के गांव टपरदा,कठली,अमिलिभौना,बड़ेभण्डार,बरपाली,सुपा चिखली का नाम कच्ची शराब बनाने के मामले में अग्रणी रहा है किंतु कुछ दिनों से रनभाठा का नाम भी उस लिस्ट में स्वर्णिम अक्षरों से अंकित हो गया है, इन नामचीन गांवों में जो सज्जन व्यक्ति हैं उनका जीना मुहाल हो गया है, ऐसे माहौल को देखते हुए सज्जनों को अपने बच्चों की भविष्य की चिंता सताने लगी है।

हाल ही में हमारी टीम द्वारा इन गांवों की वास्तविक स्थिति जानने हेतु इन गांवों में विजिट किया गया जहां ऊपर वर्णित वाक्या सही पाया गया , ग्राम रनभाठा के वार्ड क्रमांक-4-5 का हाल तो ऐसा था कि आस पास के ग्रामीण भी वहां पहुंच कर मदिरापान करते हुए दिखे,जगह जगह पर चखना के दुकान वाले बहुत व्यस्त दिखे, और कच्ची शराब का व्यापार करने वाले माफियाओं को तनिक भी भय का आभाष होता नही दिखा, अब बिना भय से कच्ची शराब का बड़े पैमाने में व्यापार करना भला पुलिस प्रशासन और छुटभैय्ये नेताओं के सय से होना संभव है? यह बात प्रशासन और लोकल जनप्रतिनिधियों पे प्रश्नचिन्ह लगाता है। ऐसे माहौल में क्या हम नशामुक्त राष्ट्र का सपना देख सकते हैं और इन छोटे-छोटे गांव में इस तरह के माहौल का जिम्मेदार आखिर कौन है यह सबसे बड़ा प्रश्न है।