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हाथ’ छोड़कर ‘कमल’ थामने वाले विधायक उईके बोले-महंत, बघेल, जय सिंह अग्रवाल करते थे मानसिक प्रताड़ित

  • छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रहे रामदयाल उईके ने साधा कांग्रेस नेताओं पर निशाना
  • कहा- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सेक्स सीडी से अपराध में शामिल होकर प्रदेश को शर्मसार कियारायपुर. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रहे रामदयाल उईके ने भाजपा में शामिल होते ही कांग्रेस नेताओं पर जमकर भड़ास निकाली। उनके निशाने पर खासतौर से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, प्रभारी पीएल पुनिया, डाॅ. चरण दास महंत और जय सिंह अग्रवाल रहे। उईके ने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी से त्रस्त हो चुके थे। महंत, भूपेश बघेल और जयसिंह अग्रवाल ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।

    पाली तानाखार सीट को लेकर उनकी पीड़ा भी झलकी

    1. भाजपा कार्यालय में रविवार को मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ विधायक उईके ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने सेक्स सीडी जैसे घृणित अपराध में शामिल होकर प्रदेश को शर्मसार किया है। महिलाओं को अपमानित करने का काम किया है। उनके नेतृत्व और विचारहीनता से त्रस्त होकर मैं भाजपा में वापस आया हूं। यह वापसी हमारे लिए अपने घर में फिर से वापस आने जैसी है।
    2. उईके के कांग्रेस छोड़ने के कारणों के पीछे माना जा रहा था कि वे पाली तानाखार की अपनी सीट पर कांग्रेस के टिकट को लेकर अाशंकित थे। कांग्रेस की ओर से गोंडवाना गंणतंत्र पार्टी से गठबंधन की बात चल रही है ,इसमें गोंगपा इस सीट पर दावा कर रही है। रामदयाल उईके ने अाज जो बातें सामने रखीं है उसमें उनकी यह पीड़ा भी दिखाई दे गई।
    3. उन्होंने कहा कि चरणदास महंत, जयसिंह अग्रवाल और भूपेश बघेल बोलते थे, इसे मरवाही भेजो और यहां हीरा सिंह मरकाम को लड़ाओ। मैं 36 हजार वोट से पाली तानाखार में जीता हूं, और गोंडवाना की एक सीट के लिए मुझे मरवाही भेज रहे थे। ये जोगी जी से लड़े और एक आदिवासी नेता खत्म हो जाए।इसकी मानसिकता हमेशा आदिवासी के खिलाफ रही है।
    4. उन्होंने कहा कि सीडी बनाने वाले को पार्टी से निकाल देना चाहिए, लेकिन पार्टी के लोगों ने नहीं सुना बल्कि मुझ पर ही शकुनी होने का आरोप लगा दिया। 1998 में वो बीजेपी के विधायक थे, उन्होंने अपनी सीट कांग्रेस के मुख्यमंत्री को दी थी, लेकिन जिसे आदिवासी समझकर सीट दिया, बाद में पता चला, वो नकली अादिवासी निकला। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल आदिवासी नेताओं को खत्म करना चाहते हैं।
    5. एसटी-एससी समाज के विरोधी हैं भूपेश

      विधायक उईके ने कहा कि उन्होंने भूपेश को कांग्रेस से निकालने की मांग मैंने की थी, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी निराश ही किया। भूपेश किसी का भी सम्मान करना नहीं जानते। वे जातिवादी राजनीति करते हैं और एसटी-एससी समाज के विरोधी हैं। डा. रमन सिंह जी के नेतृत्व में प्रदेश ने जैसा विकास किया है।

    6. जिस तरह खासकर आदिवासी क्षेत्रों ने समृद्धि हासिल की है। वंचित समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का जैसा काम सरकार ने किया है, उससे प्रभावित हो,  विकास का लक्ष्य लेकर मैंने भाजपा से जुड़ने का फैसला लिया है। भूपेश बघेल जिस तरह की राजनीति करते हैं, वह तो आप सबने लगातार देखा ही है।
    7. पुनिया के बयान को आदिवासियों और छत्तीसगढ़ का अपमान बताया

      उईके ने कहा कि आज कांग्रेस प्रभारी पुनिया के बयान से मैं काफी आहत महसूस कर रहा हूं। उनका कहना है कि ‘सम्मान के अलावा भाजपा ने कुछ और दिया होगा।’ यह बयान न केवल हम आदिवासियों का बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ का अपमान है। पुनिया यह साफ़-साफ़ बताएं कि ‘कुछ और’ से उनका आशय क्या है? आखिर वे हम आदिवासियों को समझते क्या है?

    8. कांग्रेस में रहते हुए मैं हमेशा ही पुनिया की अफसरशाही से परेशान रहा हूं। वो आज भी खुद को कलक्टर समझते हैं और हम आदिवासियों को निरीह जनता।  भूपेश और पुनिया ने हमेशा हमारी उपेक्षा की है। हमें लगातार अपमानित किया है। उन्होंने मुझे अपशकुनी कह कर वास्तव में एक बड़ा अपराध किया है। भूपेश जी को छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगना चाहिए।
    9. तत्कालीन कांग्रेस मुख्यमंत्री के लिए सीट खाली की, पर वाे नकली निकले

      उइके ने आरोप लगाया कि आदिवासियों के हित को देखते हुए हमने कांग्रेस के तब के मुख्यमंत्री के लिए अपनी सीट खाली कर दी थी। हालांकि पता नहीं था कि वे भी नकली निकलेंगे और आदिवासियों को इस तरह ठगने का काम करेंगे।  पिछले कुछ महीनों से खास कर यह सोच कर घुटन होती रही कि कांग्रेस विपक्ष के रूप में भी अपनी भूमिका निभाने में किस तरह विफल रही है।

    10. कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में मुझे कांग्रेस में बस एक मुखौटा बना कर रख दिया गया था। वहां मेरी कोई भूमिका नहीं बची थी। मुझे बस प्रेस के सामने ऐसा बताते थे कि सम्मान है जबकि किसी निर्णय में मुझे शामिल नहीं किया जाता था। यहां तक कि टिकट को लेकर अभी पार्टी में क्या चल रहा है ऐसी भी कोई खबर न ही मुझे दी जाती थी।
    11. कांग्रेस में खास कर मेरे स्वभाव के विपरीत मुझसे बयान देने के लिए विवश किया जाता था। अरविंद नेताम को भले ही कोर कमिटी में आज लेकर कांग्रेस दिखावा कर रही है, लेकिन नेताम जी को भी याद रखना चाहिए कि किस तरह उन्हें भी कांग्रेस से निकाल बाहर किया था। इसी तरह कांग्रेस ने भंवर सिंह पोर्ते को निकाला था। मैं भी इन्हीं प्रताडनाओं से तंग आ कर कांग्रेस छोड़ने पर मजबूर हुआ हूं।
    12. कोरबा की चारो सीट जिताने का दावा

      वरिष्ठ विधायक उईके ने कहा कि अब हम सब जी-जान से डाॅ. रमनसिंह जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए जुटेंगे। कोरबा जिले की चारों सीट भाजपा मिलना तय है। इसी मिशन को लेकर हम काम करने वाले हैं।

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