CHHATTISGARH featured POLITICS 

सोशल इंजीनियरिंग / हाई प्रोफाइल सीटों पर चेहरों ने तो प्रभावी साहू और सिंधी समाज ने भी तय करवाए टिकट

  • राज्य में 12 फीसदी साहू हैं, यही कारण है कि भाजपा ने इस बार 14 साहू उम्मीदवार उतारे

रायपुर. चुनाव आते ही एक शब्द सबकी जुबां पर आ जाता है, वह है सोशल इंजीनियरिंग। इंजीनियरिंग सुनकर लगता टेक्नीकल है, लेकिन यह कम्प्यूटर, इलेक्ट्रिसिटी, एयरोनॉटिकल साइंस की तरह टेक्नीकल नहीं है, बल्कि समाज के ताने-बाने का गुणाभाग है। यह समझने में ज्यादा कठिन नहीं है, लेकिन इतना आसान भी नहीं है।

 

छत्तीसगढ़ में एसटी-एससी से ज्यादा ओबीसी हैं। सबसे ज्यादा मतलब 47 फीसदी। इस आबादी में 95 से ज्यादा जातियां हैं। इन जातियों में 12 फीसदी साहू हैं। यही कारण है कि भाजपा इस बार भी 14 साहू उम्मीदवार उतारे हैं। कुर्मी वोट बैंक को ध्यान में रखकर भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही प्रदेश अध्यक्ष कुर्मी समाज के हैं। सवाल उठता है कि क्या सभी सीटों पर सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला लागू होता है। जवाब है नहीं। अब मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को ही देख लें। तीसरी बार राजनांदगांव से चुनाव लड़ेंगे। हर बार नया प्रतिद्वंद्वी।

 

इस बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला उनके खिलाफ मैदान में हैं। यहां सोशल इंजीनियरिंग के बजाय व्यक्तिगत छवि के आधार पर मतदान होगा। अंबिकापुर में टीएस सिंहदेव के मुकाबले अनुराग सिंहदेव हों या सक्ती में डॉ. चरणदास महंत के मुकाबले मेघाराम साहू। मैट्रो शहर की तरह विकसित हो रहे रायपुर शहर के रायपुर दक्षिण में बृजमोहन अग्रवाल के खिलाफ कन्हैया अग्रवाल और रायपुर पश्चिम से राजेश मूणत के खिलाफ विकास उपाध्याय। यहां चेहरे पर ही चुनाव होना है। रायपुर उत्तर में सिंधी समाज ने एकजुट होकर संदेश दिया कि कुछ भी हो जाए, टिकट तो देना ही होगा।

भाजपा-कांग्रेस ने किस समाज से कितनों को दिया टिकट:- 

 

समाज भाजपा कांग्रेस
साहू 14 8
कुर्मी 9 7
ब्राह्मण 5 9
अग्रवाल 4 2
जैन 3 1
यादव 1 3
क्षत्रीय 6 4

 

कांग्रेस ने दो मुस्लिम मो. अकबर, बदरुद्दीन कुरैशी को उतारा। भाजपा से कोई नहीं। कांग्रेस ने तीन सिख कुलदीप जुनेजा, गुरुमुख सिंह होरा और आशीष छाबड़ा को टिकट दिया। भाजपा से एक भी नहीं।

 

एसटी-एससी में भी अलग समीकरण: एससी सीटों पर सामान्य उम्मीदवार और गुरू परंपरा के उम्मीदवारों को चुना गया है। जैसे गुरु रुद्र कुमार कांग्रेस से हैं तो भाजपा से राजमहंत सांवलाराम डाहरे उम्मीदवार हैं। मरवाही से जोगी के मुकाबले भाजपा की अर्चना पोर्ते को टिकट दिया है। इन सीटों पर समाज के दो अलग-अलग वर्गों को साधने की कोशिश की गई है।

 

32% एसटी, 13% एससी, 47% ओबीसी हैं राज्य में:- 
95 से अधिक जातियां ओबीसी में
12% साहू समाज के मतदाता
9% यादव समाज के वोटर
5% मरार, निषाद व कुर्मी

Related posts