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रतनपुर नगर पालिका में मतदान 31 दिसंबर को, 3 जनवरी को मतगणना

रतनपुर नपा अध्यक्ष आशा सूर्यवंशी को वापस बुलाने की प्रक्रिया के तहत हाईकोर्ट से आया फैसला राईट टू रिकॉल के बाद…

रतनपुर नपा अध्यक्ष आशा सूर्यवंशी को वापस बुलाने की प्रक्रिया के तहत हाईकोर्ट से आया फैसला राईट टू रिकॉल के बाद राज्य चुनाव आयोग ने निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा कर दी है।

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव जिनेविवा किंडो द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी को जारी पत्र के अनुसार रिकॉल के तहत रतनपुर नपा के लिए होने वाले चुनाव के लिए मतदान की सूचना प्रतीकों का आवंटन और मतदान केंद्रों की सूची का प्रकाशन के लिए 12 दिसंबर 2018 व मतदान के लिए 31 दिसंबर, मतगणना व परिणामों की घोषणा के लिए 3 जनवरी की तिथि घोषित की है। उल्लेखनीय है कि नपा के 13 पार्षदों की मांग पर राज्य निर्वाचन आयोग की अनुशंसा राइट टू रिकॉल को बाद में 4 पार्षदों की गलत-फहमी में समर्थन करने की दलील देने (मुकरने) और शिकायत से उपजे हालातों के मद्देनजर चारों पार्षदों द्वारा शिकायत से अपना नाम वापस लेने के बाद रतनपुर नपा अध्यक्ष आशा सूर्यवंशी ने हाईकोर्ट में चुनौती देते याचिका दायर की थी। इस पर पिछले दिनों फैसला देते हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को रतनपुर में नपाध्यक्ष पद के लिए रिकॉल करने निर्देशित किया था। ऐसे में हाईकोर्ट से आए इस फैसले के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन कार्यक्रमों की तारीखों का ऐलान किया है। इसमें 12 दिसंबर को मतदान की सूचना व सूची का प्रकाशन के साथ उम्मीदवारों को प्रतीकों का आवंटन होगा। 31 दिसंबर को मतदान व 3 जनवरी को मतगणना के बाद परिणामों की घोषणा की जाएगी।

खाली या भरी कुर्सी किसे चुनेगी जनता कयासों का दौर शुरू

हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नपाध्यक्ष पद के लिए रिकॉल करने तारीखों के ऐलान करने के बाद नगर के सियासी गलियारों में इन दिनों सिर्फ और सिर्फ राइट टू रिकॉल की चर्चा सरगर्म है। रतनपुर सीएमओ के अनुसार प्रथम चरण में खाली और भरी कुर्सी में से किसी एक को जनता चुनेगी। दोनों परिस्थितियों में यदि खाली कुर्सी पर अधिक मत पड़ा तो वर्तमान नपा अध्यक्ष आशा सूर्यवंशी को कुर्सी छोड़नी पड़ेगी और यदि भरी कुर्सी के निशान पर जनता ने ज्यादा वोट दिया तो माना जाएगा कि अध्यक्ष पद पर वह बनीं रहेंगी। गौरतलब है कि खाली कुर्सी पर ज्यादा मतदान होने और आशा सूर्यवंशी के कुर्सी छोड़ने की स्थिति में राज्य निर्वाचन आयोग दूसरे चरण में रतनपुर नपा अध्यक्ष पद के लिए सीधे उप-चुनाव कराएगा।

आशा का कच्चा चिट्ठा खोलने मुखर और उतावले हैं विरोधी

रिकॉल के दौरान हाईकोर्ट के आदेश पर आगामी होने वाले चुनाव को आशा के विरोधी अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं। वे जिस तरह चुनाव को गंभीरता से ले रहे हैं उससे आने वाला समय बड़ा ही रोचक होने वाला है। सूत्रों की माने तो उनके विरोधियों ने आशा के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में उनके द्वारा किए गए काम का सारा कच्चा चिट्ठा नगर के चौक-चौराहों में भंडाफोड़ के माध्यम से पूरी प्रामाणिकता के साथ खोलने पूरी तैयारी कर ली है। अब आगे यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि विरोधियों का यह पैंतरा आशा के खिलाफ खाली कुर्सी को खाली रखने कितना कारगर साबित होगा?

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