Thu. Jul 18th, 2019

मालवीय रोड पर दुकानों के टूटने के बाद अब दिखा जवाहर बाजार के 18वीं शताब्दी के गेट का वैभव

रायपुर . जवाहर बाजार प्रोजेक्ट को शेप देने के लिए निगम और प्रशासनिक अमले ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए 36 पुरानी दुकानें रविवार को सुबह गिरा दीं। सभी दुकानों का फ्रंट मालवीय रोड पर था। चार दुकानें दीवार धंसकने की वजह से पहले ही तोड़ी जा चुकी हैं। वहां कुल 71 दुकानें हैं, लेकिन 120 बनाई जा रही हैं। पुराने लोगों को बांटने के बाद बची दुकानें नीलाम की जाएंगी। 


80 साल पुरानी दुकानें जमींदोज : जवाहर बाजार में 1940 से कारोबारी निगम के किराएदार थे। अब उन्हें दुकानों का मालिकाना हक मिलेगा। निगम अफसरों के अनुसार शासन ने इसकी अनुमति दे दी है। जवाहर बाजार सह व्यावसायिक परिसर के इस प्रोजेक्ट में लोवर बेसमेंट, अपर बेसमेंट व ग्राउंड फ्लोर के अतिरिक्त तीन मंजिला व्यावसायिक परिसर बन रहा है।  यह एक वर्ष में पूरा हो जाएगा।

सुबह से डटे रहे अफसर : कमिश्नर शिव अनंत तायल के निर्देश पर जोन-4 कमिश्नर चंदन शर्मा, ईई सुभाष चंद्राकर, अंशुल शर्मा (जूनियर), राजस्व अधिकारी विवेकानंद दुबे सहित पूरी टीम मौजूद थी। तोड़फोड़ लगभग सात घंटे चली। व्यवसायियों को नेताजी सुभाष स्टेडियम व गांधी चौक के पास निगम की दुकानों पर वैकल्पिक व्यवस्था के अस्थायी व्यवस्थापन दिया गया है। 


समन्वय का प्रोजेक्ट : महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि यह प्रोजेक्ट निगम के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें किसी भी तरह के विवाद की कोई जगह नहीं रही। व्यापारियों के साथ आपसी तालमेल से ही यह प्रोजेक्ट पूरा किया जा रहा है। इसके लिए चेंबर ऑफ कॉमर्स, जवाहर बाजार व्यापारी संघ से जुड़े व्यवसायियों व पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत कर सहमति बनाई गई।

नए मार्केट में ये सुविधाएं भी  

  •  2  स्कलेटर कांप्लेक्स में, 3 सीढ़ियां और एक रैम्प 
  • 18 करोड़ बाजार के निर्माण की अनुमानित लागत
  • 150 कार व पांच सौ दोपहिया की बेसमेंट पार्किंग 
  • 120 दुकानें बनेंगी ग्राउंड, फर्स्ट-सेकंड फ्लोर में