Tue. Feb 26th, 2019

भूपेश बघेल का सदन में बड़ा एलान- पंचायत नहीं, अब सीएमडीसी करेगी रेत खदानों का संचालन, अवैध खनन रोकने सरकार का बड़ा फैसला

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सदन में बड़ा एलान किया. राज्य में अब रेत खनन पंचायत नहीं बल्कि सीएमडीसी करेगी. सरकार ने यह कदम अवैध रेत खनन की शिकायतों के मद्देनजर उठाया है. इसके अलावा पंचायतों का राजस्व 25 फीसदी बढ़ाने की घोषणा की है. 5 साल में पंचायतों को जो अधिकतम राजस्व मिला है, उसका 25% ज़्यादा राजस्व एनएमडीसी उन्हें देगी. बाहरी राज्यों के लिए अतरिक्त टैक्स लगेगा. इस संबंध में शाम तक आदेश जारी कर दिया जाएगा.


बुधवार को रेत के अवैध खनन का मामला उठा. कांग्रेस विधायक धनेंद्र साहू ने कहा कि पिछली सरकार में भी हम ये बार-बार कहते थे कि रेत का अवैध खनन रोकने नीति बनाई जाए. जब अनाधिकृत और अवैधानिक ठेके हो रहे हैं तो इस पर रोक लगने के लिए नीति बनाई जानी चाहिए. सब जगह मजदूर हैं, लेकिन फिर भी मशीनों से खनन कर परिवहन किया जा रहा है. अजय चंद्राकर ने कहा कि वर्तमान समय में सिर्फ कागजों पर पंचायत का नियंत्रण है ये मैं भी मानता हूं. ये स्थिति है कि कोई रसूखदार आदमी कहेगा तो ही हम पीट पास देंगे.

दूसरे प्रदेशों में हो रही प्रदेश से रेत की तस्करी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह हम सब की चिंता है. इस प्रदेश से बाहर भी रेत जा रहा है. जानकारी मिल रही है कि महाराष्ट्र भी रेत जा रहा है. रेत खनन के संचालन का जो अधिकार पंचायत को मिला है, उसे हम वापस लेना चाहते हैं, बल्कि 25 फीसदी रायल्टी पंचायत को दे दिया जाए. बिडिंग के आधार पर लोडिंग फिक्स किया जाए. दूसरे राज्यों में हो रही रेत तस्करी रोकी जाएगी. कलेक्टर को नई खदाने अधिक से अधिक संख्या में खोलने के निर्देश दिए जाएंगे, जिससे अवैध खनन रोका जा सके.

ध्यानाकर्षण के जरिए कांग्रेस विधायक ने उठाया सवाल

इसके पहले सदन में रामानुजगंज में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन का मामला विधायक बृहस्पति सिंह ने ध्यानाकर्षण के जरिये उठाया था. इसके जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 11 रेत खदानें घोषित की गई हैं. पर्यावरण स्वीकृति के साथ खदान संचालित हैं. बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र के कन्हार नदी में रेत खदान स्वीकृत है, लेकिन पर्यावरण स्वीकृति नहीं होने की वजह से खनन नहीं हो रहा है. बघेल ने कहा कि खनिज के परिवहन के लिए पास का नियम है. पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाती है. रेत के अवैध खनन पर सक्षम अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की जाती है. 2016-17 से लेकर अब तक जिले में रेत के अवैध खनन के 72 प्रकरण दर्ज किए गए हैं.

पर्ची 600 रुपए की, लेते हैं 13000 रुपए

बृहस्पति सिंह ने कहा कि यूपी सीमा पर परिवहन के लिए 600 रुपये की पर्ची कटती है, लेकिन वाहन चालकों से 1300 रुपए लिए जाते हैं. सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि नदी में दो खदान चिन्हित किए गए हैं. पर्यवारण स्वीकृति के लिए आवेदन नहीं लगाया गया है इसलिए खदान चिन्हित नहीं हुआ है. चूंकि यूपी सीमा से लगा इलाका है, और अवैध खनन की शिकायत भी मिली है. त्रिस्तरीय पंचायत अधिनियम के तहत पंचायतों को रेत खदान का अधिकार दिया गया है, लेकिन देखने मे आ रहा है कि इसका दुरुपयोग हो रहा है. अवैध खनन और परिवहन पर रोक के लिए सरकार कड़े कदम उठाएगी.